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ईरान युद्ध के चलते तेल, गैस और व्यापार पर गहराया संकट तो आगे आया चीन, खुलेआम दे डाली चेतावनी!

ईरान युद्ध को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ गई है। चीन ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष लगातार बढ़ और फैल रहा है, जिससे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।

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भारत

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Mukul Kumar

Mar 20, 2026

Xi Jinping Political Purge (2)

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फोटो: ANI)

ईरान युद्ध को लेकर दुनिया भर में चिंता का माहौल है। इस बीच, बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के वैश्विक नतीजों पर जोर देते हुए चीन ने शुक्रवार को खुले तौर पर चेतावनी दी है।

चीन ने कहा है कि मिडिल ईस्ट में चल रहा संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और फैल रहा है, जिससे अहम अंतरराष्ट्रीय क्षेत्रों पर असर पड़ रहा है और सभी देशों के साझा हितों को नुकसान पहुंच रहा है।

नतीजे सिर्फ युद्ध के मैदान तक सीमित नहीं

क्षेत्रीय संकट के बारे में विदेशी मीडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि इसके नतीजे सिर्फ युद्ध के मैदान तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उससे कहीं आगे तक फैल रहे हैं।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह अस्थिरता न सिर्फ इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को कमजोर कर रही है, बल्कि सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा, वित्त, व्यापार और शिपिंग पर भी असर डाल रही है।

युद्ध से सिर्फ नफरत पैदा होगी

प्रवक्ता ने बल प्रयोग के खिलाफ बीजिंग के रुख को दोहराते हुए कहा कि सैन्य कार्रवाई के अक्सर उलटे नतीजे निकलते हैं। लिन ने कहा- इतिहास और हकीकत ने बार-बार दिखाया है कि सैन्य बल समस्याओं का हल नहीं है और सशस्त्र टकराव से सिर्फ नई नफरत ही पैदा होगी।

तनाव कम करने की अपील

तनाव कम करने की सीधी अपील करते हुए चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए सभी पक्षों को सैन्य अभियानों पर तुरंत रोक लगा देनी चाहिए।

लिन ने आगे कहा- चीन संघर्ष विराम हासिल करने और दुश्मनी खत्म करने के लिए मध्यस्थता के प्रयास जारी रखेगा, ताकि मध्य पूर्व में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता लौट सके।

21वें दिन तक पहुंचा युद्ध

चीन का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष 21वें दिन तक पहुंच गया है। यह 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के बाद शुरू हुआ था।

इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई भी मारे गए थे। उनकी मृत्यु के बाद, पूर्व नेता के बेटे मोजतबा खामेनेई को ईरान का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया।