
प्रतिकात्मक तस्वीर
Circumcision turns deadly in South Africa: दक्षिण अफ्रीका में नवंबर–दिसंबर के दौरान पारंपरिक खतना रस्म के दौरान 41 लड़कों की मौत हो गई। स्वास्थ्य मंत्री वेलेन्कोसिनी हलाबिसा ने सुरक्षा मानकों और चिकित्सकीय सलाह की अनदेखी को इस त्रासदी की बड़ी वजह बताते हुए आयोजकों के साथ-साथ माता-पिता की लापरवाही पर भी सवाल उठाए हैं। मामले में 41 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें बच्चों की उम्र गलत बताने वाले माता-पिता भी शामिल हैं।
खतना की यह रस्म खोसा, न्डेबेले, सोथो और वेंडा जैसे कई अफ्रीकी समुदायों में युवकों के वयस्क होने का प्रतीक मानी जाती है। परंपरा के तहत युवकों को ‘दीक्षा स्कूलों’ में कुछ समय के लिए अलग रखा जाता है, जहां खतना की प्रक्रिया कराई जाती है। हर साल होने वाली मौतों के चलते सरकार को कानून बनाकर हस्तक्षेप करना पड़ा है। नियमों के अनुसार खतना कराने वाले संस्थानों का पंजीकरण अनिवार्य है और 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को प्रवेश की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद अवैध केंद्रों की भरमार बनी हुई है।
जांच में सामने आया है कि अंधविश्वास और गंभीर चिकित्सीय लापरवाही मौतों की बड़ी वजह रही। कई शिविरों में यह गलत धारणा फैलाई जाती है कि पानी न पीने से घाव जल्दी भरते हैं। कड़ी गर्मी में पानी से वंचित रखने के कारण कई लड़के डिहाइड्रेशन और संक्रमण का शिकार होकर जान गंवा बैठे।
Updated on:
03 Jan 2026 06:50 am
Published on:
03 Jan 2026 06:50 am
