
मेटे फ्रेडरिक्सन (फोटो - एएनआई)
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच चल रही जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है। इस वजह से गाज़ा (Gaza) में घमासान मचा हुआ है। इज़रायली सेना के हमलों में हर दिन कई फिलिस्तीनी मारे जा रहे हैं। दुनियाभर के कई देश इस युद्ध की कड़े शब्दों में आलोचना कर रहे हैं और इनमें डेनमार्क (Denmark) भी शामिल है। गाज़ा में युद्ध की वजह से पैदा हुए संकट पर डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन (Mette Frederiksen) ने सख्त रुख अपनाया है।
डेनमार्क की प्रधानमंत्री फ्रेडरिक्सन ने इज़रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) को खुद में समस्या करार दिया है। उन्होंने कहा कि इज़रायल हद से आगे बढ़ चुका है और गाज़ा में भयानक मानवीय संकट पैदा कर दिया है।
डेनमार्क की पीएम फ्रेडरिक्सन ने वेस्ट बैंक (West Bank) में इज़रायली सेना के नई बस्तियों को बनाने के प्रोजेक्ट पर भी नाराज़गी जताई है। फ्रेडरिक्सन ने इस प्रोजेक्ट की निंदा करते हुए इसे गलत बताया है।
डेनमार्क, वर्तमान में यूरोपीय संघ की अध्यक्षता कर रहा है। पीएम फ्रेडरिक्सन ने इस बात के भी संकेत दिए कि डेनमार्क, इज़रायल पर राजनीतिक दबाव बनाने के लिए और प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हैं।
Updated on:
18 Aug 2025 12:05 pm
Published on:
18 Aug 2025 12:05 pm
