
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- IANS)
अमेरिकी कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक और बड़ा झटका दिया है। टैरिफ के बाद ट्रंप के एक और फैसले के खिलाफ नया आदेश जारी हुआ है।
दरअसल, फेडरल कोर्ट ने नया आदेश जारी करते हुए ट्रंप प्रशासन को 10 अप्रवासी बच्चों को ग्वाटेमाला निर्वासित करने से रोक दिया है।
वाशिंगटन, डीसी स्थित जिला न्यायाधीश स्पार्कल सूकनन ने प्रशासन को 14 दिनों तक बच्चों को निर्वासित न करने का आदेश दिया है। बता दें कि राष्ट्रीय आव्रजन कानून केंद्र ने 10-17 वर्ष की आयु के बच्चों की ओर से ट्रंप प्रशासन के फैसले को चुनौती दी थी।
दरअसल, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने ग्वाटेमाला के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत बिना किसी अभिभावक के बच्चों को देश वापस भेजा जा सकेगा।
इस सप्ताह के अंत से ही निर्वासन शुरू करने की योजना है। इसपर वकीलों के समूह ने कोर्ट में कहा कि ट्रंप प्रशासन का यह निर्णय कानून के खिलाफ है। जिसपर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ट्रंप के हालिया फैसले पर रोक लगा दी।
बता दें कि अमेरिका की सत्ता में वापस लौटने के साथ ही ट्रंप ने बड़े पैमाने पर आव्रजन कार्रवाई शुरू कर दी थी। फेडरल कानून के मुताबिक, जो भी प्रवासी बच्चे बिना माता-पिता या अभिभावक के अमेरिकी सीमा पर पहुंचते हैं, उन्हें अकेले के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।
ऐसे बच्चों को तब तक सरकार द्वारा संचालित आश्रयों में रखा जाता है, जब तक वह अपने परिवार के किसी सदस्य से न मिल जाएं। रविवार को दायर एक कानूनी शिकायत में, राष्ट्रीय आव्रजन कानून केंद्र और युवा अप्रवासी बाल अधिकार केंद्र ने कहा कि निर्वासन उन सुरक्षाओं का स्पष्ट उल्लंघन होगा, जो संसद ने कमजोर बच्चों के लिए प्रदान की है।
शिकायत में कहा गया कि सरकार बच्चों को ग्वाटेमाला भेजने की योजना बना रही है, जहां उन्हें दुर्व्यवहार, उपेक्षा, उत्पीड़न या यहां तक कि यातना का सामना करना पड़ सकता है।
दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने बच्चों के निर्वासन पर रोक लगा दी। फिलहाल, ट्रंप प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई भी टिप्पणी नहीं की गई है।
इससे पहले, ट्रंप प्रशासन को टैरिफ के फैसले पर फेडरल कोर्ट ने झटका दिया था। शुक्रवार को, अमेरिकी अपील न्यायालय ने फैसला सुनाया कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान एकतरफा 'पारस्परिक शुल्क' लगाकर अपने राष्ट्रपति पद के अधिकार का गलत फायदा उठाया है। कोर्ट ने कहा कि टैरिफ जैसे मसलों पर संसद की मंजूरी भी जरूरी है।
Updated on:
01 Sept 2025 10:02 am
Published on:
01 Sept 2025 10:02 am
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