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Donald Trump Gaza Deal: ट्रम्प का ऐलान: गाजा से हटेगी इजरायली सेना, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ के तहत हमास के हथियार डालने पर मुहर

Israel Hamas Ceasefire 2026 : मध्य पूर्व में दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक अभूतपूर्व कूटनीतिक मोड़ आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए शांति मंच ने गाजा में सभी सशस्त्र समूहों के निरस्त्रीकरण का दावा किया है।
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भारत

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Manoj Vashisth

Jul 31, 2026

Donald Trump Gaza Deal

Donald Trump Gaza Deal: गाजा में हमास के निरस्त्रीकरण पर ऐतिहासिक सहमति, ट्रंप ने बताया शांति की दिशा में बड़ा कदम (फोटो सोर्स:@australian)

Board of Peace Gaza Agreement: यरूशलेम गाजा पट्टी में युद्ध के बाद भविष्य की नई रूपरेखा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक ऐतिहासिक और सनसनीखेज दावा किया है। ट्रम्प के अनुसार, नवगठित 'बोर्ड ऑफ पीस' (Board of Peace) ने गाजा में हमास और अन्य सभी सशस्त्र गुटों के पूर्ण निरस्त्रीकरण (Disarmament) पर सहमति बना ली है। इस समझौते के तहत एक योजनाबद्ध तरीके से गाजा से इजरायली सेना की वापसी होगी और सत्ता का हस्तांतरण एक नए फिलिस्तीनी प्रशासन को सौंपा जाएगा।

Donald Trump Gaza Deal: चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना

ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस फैसले की जानकारी देते हुए इसे "स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम" करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समझौता उनकी चर्चित '20-पॉइंट गाजा प्लान' का ही एक मुख्य हिस्सा है।

पहला चरण: हमास और अन्य गुटों के हथियारों को पूरी तरह जमा कराया जाएगा।

दूसरा चरण: निरस्त्रीकरण पूरा होते ही इजरायली रक्षा बल (IDF) की गाजा से चरणबद्ध वापसी होगी।

तीसरा चरण: अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल (International Stabilization Force) एक नई फिलिस्तीनी पुलिस के साथ मिलकर गाजा की आंतरिक सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा का जिम्मा संभालेगी।

इस पूरी प्रक्रिया के बाद गाजा की कमान एक नई फिलिस्तीनी सरकार को सौंपी जाएगी जो 'बोर्ड ऑफ पीस' के साथ मिलकर पुनर्निर्माण और प्रशासन का काम देखेगी।

Board of Peace Gaza Agreement: मध्यस्थ देशों का आभार और कूटनीतिक बैकग्राउंड

राष्ट्रपति ट्रम्प ने इस कूटनीतिक सफलता का श्रेय अपनी टीम और मध्यस्थता करने वाले तीन प्रमुख देशों मिस्र (Egypt), कतर (Qatar) और तुर्की (Türkiye) को दिया। ट्रम्प ने 7 अक्टूबर के हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि भविष्य में गाजा से ऐसा कोई सुरक्षा खतरा पनपने नहीं दिया जाएगा।

"एक साल पहले तक गाजा भयानक युद्ध, मानवीय संकट और बंधकों की पीड़ा से जूझ रहा था। आज हमने एक ऐसा पड़ाव हासिल कर लिया है, जिसे लोग असंभव मानते थे।"
- डोनाल्ड ट्रम्प, अमेरिकी राष्ट्रपति

क्या है 'बोर्ड ऑफ पीस' और क्यों उठ रहे हैं सवाल

इस संगठन की नींव डोनाल्ड ट्रम्प ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) की दावोस बैठक के दौरान रखी थी। शुरुआत में इसे केवल गाजा संघर्ष-विराम के लिए प्रस्तावित किया गया था, लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ाकर एक वैश्विक मध्यस्थता मंच के रूप में विकसित किया गया।

बोर्ड की संरचना और प्रमुख चेहरे

अध्यक्ष: डोनाल्ड ट्रम्प

प्रमुख सदस्य: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और जेरेड कुशनर।

इस पहल में लगभग 35 देश शामिल होने पर सहमत हुए हैं। हालांकि, अमेरिका के कई पारंपरिक यूरोपीय मित्र देश जैसे फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने इसकी कार्यप्रणाली पर आशंकाएं जताई हैं। पश्चिमी देशों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र (UN) जैसी स्थापित वैश्विक संस्थाओं को दरकिनार कर इस तरह का अलग बोर्ड बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

गाजा के भविष्य पर गहरा असर

गाजा में विनाशकारी सैन्य अभियानों और मानवीय तबाही के बाद निरस्त्रीकरण का यह दावा मध्य पूर्व की राजनीति में एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है। हालांकि, जमीन पर हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण कितनी सुगमता से पूरा हो पाता है और नई फिलिस्तीनी पुलिस व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।