
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (ANI)
Iran-Israel War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध में अपना असली मकसद बता दिया है। ट्रंप ने कहा कि सच कहूं तो मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल लेना है। ट्रंप ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका ईरान के तेल निर्यात के मुख्य केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है। उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई सुरक्षा व्यवस्था है। हम इसे बहुत आसानी से अपने कब्ज़े में ले सकते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह की बातचीत चल रही है। इसमें पाकिस्तान द्वारा की जा रही मध्यस्थता की कोशिश भी शामिल है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है कि ईरान के करीब 1000 पाउंड यूरेनियम निकालने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप एक सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं। यह एक जटिल और जोखिम भरा मिशन होगा। अमेरिकी सेना को इस ऑपरेशन के दौरान ईरान की जमीन पर काफी दिनों तक रहना पड़ सकता है। अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है। ट्रंप अमेरिकी सैनिकों पर होने वाले हमले और संभावित खतरों पर भी विचार कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने पाकिस्तानी झंडे लगे टैंकरों की संख्या बढ़ाने पर सहमत हो गया है। अब इनकी संख्या दोगुनी होकर 20 हो गई है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबफ ने इसकी मंजूरी दे दी है।
अमेरिकी अखबार वाल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सरकार 10 हजार अतिरिक्त ग्राउंड ट्रूप्स भेजने की कोशिश में है। अखबार के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह फैसला तेहरान के साथ शांतिवार्ता के दौरान दवाब बनाने के लिए ले सकते हैं।
सैन्य विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि खर्ग द्वीप पर कोई भी हमला बेहद जोखिम भरा होगा, जिससे अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की संभावना बढ़ जाएगी और संघर्ष संभावित रूप से लंबा खिंच सकता है। इसके साथ ही, इससे दुनिया की सबसे अहम तेल आपूर्ति रास्तों में से एक को भी खतरा पैदा हो सकता है।
Updated on:
30 Mar 2026 09:14 am
Published on:
30 Mar 2026 09:13 am
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