23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ट्रंप पहुंचे जापान, द्विपक्षीय संबंधों में मज़बूती लाने का नई पीएम ताकाइची के लिए बड़ा मौका

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जापान पहुंच गए हैं। इस दौरे पर उनकी जापानी पीएम साने ताकाइची से मुलाकात होगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Tanay Mishra

•

Updated: 27 Oct 2025, 4:03 PM IST

Donald Trump reaches Japan

Donald Trump reaches Japan (Photo - Washington Post)

अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अपने एशियाई दौरे के दूसरे चरण में आज, सोमवार, 27 अक्टूबर को जापान (Japan) पहुंच गए हैं। मलेशिया (Malaysia) के कुआलालम्पुर (Kuala Lumpur) में 47वें आसियान शिखर सम्मेलन (ASEAN Summit) में हिस्सा लेने के बाद अब ट्रंप, जापान की राजधानी टोक्यो (Tokyo) पहुंच गए हैं।

◙ नई पीएम ताकाइची से होगी मुलाकात

ट्रंप का जापान दौरा 3 दिवसीय होगा। इस दौरान वह जापान की नई और पहली महिला पीएम साने ताकाइची (Sanae Takaichi) से भी मुलाकात करेंगे। दोनों के बीच यह मुलाकात कल, मंगलवार, 28 अक्टूबर हो होगी। ट्रंप के जापान पहुंचने पर ताकाइची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "जापान में आपका स्वागत है, डोनाल्ड ट्रंप। मैं कल आपसे मिलने और दोनों देशों के संबंधों को मज़बूत करने के उपायों पर बात करने के लिए उत्सुक हूं। राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा के सम्मान में टोक्यो में कई प्रमुख स्थानों पर खास लाइटिंग की गई है।"

◙ ताकाइची के लिए चुनौती के साथ बड़ा मौका

जापान की नई पीएम ताकाइची के लिए ट्रंप का दौरा एक चुनौती के साथ ही बड़ा मौका भी है। चुनौती इसलिए क्योंकि ट्रंप को मनाना आसान नहीं है। उनका मूड कभी भी बदल जाता है। मौका इसलिए, क्योंकि जापान की नई पीएम के दौर पर वह, ट्रंप के साथ न सिर्फ जापान-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की कोशिश कर सकती हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच ट्रेड, टैरिफ, डिफेंस, इन्वेस्टमेंट जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा भी कर सकती है। इससे दोनों देशों के बीच ऐसी ट्रेड डील हो सकती है जिससे जापान की अर्थव्यवस्था को फायदा हो सकता है। जापान से अमेरिकी टैरिफ भी कम करने पर सहमति बन सकती है। डिफेंस और इन्वेस्टमेंट पर भी दोनों देशों की पार्टनरशिप और मज़बूत हो सकती है। देखना होगा कि ताकाइची इस मौके को किस हद तक भुना पाती हैं।