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20 मिलियन बैरल तेल रोज यहां से गुजरता है, होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप के दावे से क्यों मचा हड़कंप?

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलकर ‘Trump Strait’ करने का सुझाव दिया है। ईरान से जारी युद्ध के बीच ट्रंप के इस बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है।
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भारत

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Rahul Yadav

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Updated: 2 Sep 2026, 11:46 PM IST

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (AI जनरेटेड इमेज)

Donald Trump Strait of Hormuz: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस अहम जलमार्ग का नाम बदलकर अपने नाम पर रखने का सुझाव दिया है। ट्रंप ने कहा कि अब यह अमेरिका के नियंत्रण में है। उनके इस बयान के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप ने बुधवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि जब यह जलमार्ग अमेरिका के नियंत्रण में है तो इसका नाम ट्रंप स्ट्रेट क्यों न कर दिया जाए। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका की तरह यह नाम भी पहले से ज्यादा 'हॉट' होगा। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है और होर्मुज स्ट्रेट इस संघर्ष का अहम केंद्र बना हुआ है।

होर्मुज स्ट्रेट इतना अहम क्यों है?

होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। दुनिया के लिए यह सबसे अहम ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक है। युद्ध से पहले हर दिन करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद इस रास्ते से गुजरते थे।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ईरान ने बड़े पैमाने पर इसे बंद रखा है और इसके आसपास जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं भी हुई हैं। अमेरिका का दावा है कि उसकी सेना ने स्ट्रेट पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, जबकि ईरान इस दावे को चुनौती देता है।

पहले भी नक्शे पर नाम बदलते रहे हैं ट्रंप

होर्मुज स्ट्रेट का नाम बदलने का सुझाव ट्रंप के लिए कोई पहली ऐसी पहल नहीं है। इससे पहले उन्होंने लेक ओंटारियो का नाम 'लेक अमेरिका' करने का आदेश दिया था। हालांकि यह बदलाव अमेरिकी सरकारी इस्तेमाल तक सीमित है और कनाडा ने इसे स्वीकार नहीं किया है। इससे पहले ट्रंप ने मेक्सिको की खाड़ी के लिए 'गल्फ ऑफ अमेरिका' नाम का इस्तेमाल शुरू किया था। इस नाम को भी दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने सार्वभौमिक रूप से स्वीकार नहीं किया है।

अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का नाम बदलना आसान नहीं

होर्मुज स्ट्रेट अमेरिका का हिस्सा नहीं है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से इसका नाम बदलने का सुझाव अपने आप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम बदलने का फैसला नहीं है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। ऐसे में ट्रंप स्ट्रेट का सुझाव इस पूरे विवाद को और सुर्खियों में ले आया है।