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US-Iran War: डोनाल्ड ट्रंप ने बदला ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का नाम! कहा- इस पर हमारा कब्जा, अब से यह ‘ट्रंप स्ट्रेट’ होना चाहिए

Strait of Hormuz: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखने का सुझाव दिया है। ईरान में अमेरिकी हमलों से 19 लोगों की मौत की खबर है।
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Donald Trump says Strait of Hormuz as American territory.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo- IANS)

Donald Trump On Strait Of Hormuz: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा सुझाव दिया है, जिसने सबका ध्यान खींच लिया है। ट्रंप ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह बात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल के अपने अकाउंट पर कही। वहीं, ईरान के हमलों और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे मीडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है।

ट्रंप ने दिया ‘ट्रंप स्ट्रेट’ नाम का सुझाव

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि अब जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अमेरिकी नियंत्रण में है, तो इसका नाम बदलकर ‘TRUMP STRAIT’ क्यों नहीं कर देना चाहिए? उन्होंने अमेरिका का जिक्र करते हुए इसे पहले से ज्यादा ‘हॉट’ होने की बात भी कही।

ईरान में अमेरिकी हमलों से 19 लोगों की मौत

ईरानी मीडिया के मुताबिक, मंगलवार को अमेरिका की ओर से किए गए हमलों में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई है। मरने वालों में सैनिक भी शामिल हैं। अमेरिकी सेना के ईरान पर हमलों के बाद मध्य पूर्व में एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। इसके बाद अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने भी ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए। ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन को निशाना बनाया। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और युद्ध का असर अब मिडिल ईस्ट के दूसरे हिस्सों में भी फैल गया है।

होर्मुज बना युद्ध का बड़ा मोर्चा

अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान को भारी नुकसान और जनहानि हुई है। लेकिन ईरान अब भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दबाव बनाए हुए है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि दो तेल टैंकर बारूदी सुरंग से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए। ईरान ने यह भी कहा कि जो शिपिंग कंपनियां होर्मुज से गुजरने के लिए उसकी तय प्रक्रिया का पालन नहीं करेंगी, उन पर प्रतिबंध दोगुने किए जाएंगे। ईरान के मुख्य वार्ताकार और संसद के स्पीकर मोहम्मद बघेर गालिबाफ ने अमेरिका को क्षेत्रीय असुरक्षा का स्रोत बताया।