
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Photo - IANS)
US President Donald Trump on Iran and oman: पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उन्हें मिडटर्म चुनावों की कोई परवाह नहीं है और कोई भी उन्हें इंतजार करवाकर नहीं थका सकता।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध का असर रिपब्लिकन पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ेगा, इस चिंता को वह महत्व नहीं देते। उन्होंने दोहराया कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना है, जिसे उन्होंने पूरी दुनिया के हित से जोड़ा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'उन्हें लगा कि वे मेरा इंतजार करवा लेंगे। वे सोचते थे कि उसके पास मिडटर्म चुनाव हैं, लेकिन मुझे मिडटर्म की परवाह नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। मैं यह सिर्फ अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए कर रहा हूं।'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कहा कि यह जलमार्ग सभी के लिए खुला रहेगा और यह भी युद्धविराम वार्ता का हिस्सा है।
उन्होंने कहा, 'यह अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र है। इस पर कोई नियंत्रण नहीं करेगा। हम इसकी निगरानी करेंगे, लेकिन कोई इसे नियंत्रित नहीं करेगा। यह हमारी बातचीत का हिस्सा है।'
डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को भी चेतावनी दी कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी बातचीत में दखल नहीं दे। उन्होंने किसी ऐसे अल्पकालिक समझौते को खारिज कर दिया, जिसमें ईरान और ओमान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर नियंत्रण रखें। दुनिया की तेल और गैस आपूर्ति काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर करती है।
उन्होंने कहा, 'ओमान को बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो हमें उन्हें उड़ा देना पड़ेगा।' अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दोहराया कि उन्हें विश्वास है कि ईरानी नेतृत्व समझौता करना चाहता है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि अब तक कोई बड़ा कूटनीतिक समाधान नहीं निकल पाया है। ट्रंप ने कहा, 'अब तक वे वहां नहीं पहुंचे हैं। हम इससे संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन हम होंगे। जरूर होंगे।'
इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वार्ता पूरी तरह विफल हो जाती है, तो अमेरिका एकतरफा कार्रवाई भी कर सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'या तो समझौता होगा, नहीं तो हमें काम पूरा करना पड़ेगा।'
इस बीच व्हाइट ने ईरानी सरकारी टीवी की उस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच पश्चिम एशिया में जारी तनाव खत्म करने के लिए एक प्रारंभिक समझौते का खाका तैयार हो गया है।
ईरानी सरकारी मीडिया ने कथित तौर पर दावा किया था कि प्रस्तावित समझौते के तहत अमेरिका को ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करनी होगी और खाड़ी क्षेत्र से अपनी सैन्य तैनाती हटानी होगी, ताकि व्यापक क्षेत्रीय युद्धविराम लागू हो सके।
व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'ईरानी सरकारी मीडिया की यह रिपोर्ट गलत है और जो एमओयू जारी किया गया है, वह पूरी तरह मनगढ़ंत है। किसी को भी ईरानी सरकारी मीडिया की बातों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। तथ्य मायने रखते हैं।'
ईरानी मीडिया के अपुष्ट दावों के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की आवाजाही 30 दिनों के भीतर सामान्य स्तर पर लौट सकती थी। हालांकि, यह व्यवस्था इस शर्त पर आधारित बताई गई थी कि ईरान के आसपास के क्षेत्रों से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पूरी तरह हटाई जाए।
विवादित स्ट्रेट ऑफ होर्मुज आज भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग बना हुआ है। यह फारस की खाड़ी से दुनिया भर के बाजारों तक कच्चे तेल की भारी आपूर्ति पहुंचाने का प्रमुख रास्ता है।
Updated on:
28 May 2026 06:22 am
Published on:
28 May 2026 06:20 am
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