
Jai-Bhattacharya
Jay Bhattacharya : अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump) ने भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक जय भट्टाचार्य को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हैल्थ का डायरेक्टर (NIH Director) बनाया है। एनआइएच अमेरिकी के शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान और वित्त पोषण संस्थानों में से एक है। यह सरकारी फंड पर चलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा बायो मेडिकल रिसर्च संस्थान है। डोनाल्ड ट्रंप 2.0 कैबिनेट में जय भट्टाचार्य (Jay Bhattacharya) अहम प्रशासनिक पद के लिए नामित होने वाले पहले भारतवंशी हैं। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने टेस्ला के मालिक एलन मस्क के साथ डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डोज) का नेतृत्व करने के लिए भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी को चुना था। यह स्वैच्छिक पद है। इसके लिए अमेरिकी सीनेट से पुष्टि की जरूरत नहीं है। यानी यह विभाग सीधे तौर पर डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट से जुड़ा हुआ नहीं है। मस्क और रामास्वामी सरकार के बाहर रह कर काम करेंगे। इस महीने की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी अपने पूर्व प्रतिद्वंद्वी रॉबर्ड एफ. कैनेडी जूनियर को सौंपी थी। कोविड वैक्सीन की कड़ी आलोचना को लेकर कैनेडी जूनियर को नामित करने पर मेडिकल विशेषज्ञों ने आपत्ति जताई थी। डोनाल्ड ट्रंप ने कैबिनेट में शीर्ष पद के लिए भारतवंशी के नाम का ऐलान करते हुए कहा, जय भट्टाचार्य और कैनेडी जूनियर मिल कर चिकित्सा अनुसंधान में मार्गदर्शन करेंगे और लोगों की जिंदगी बचाने वाली अहम खोज को प्रोत्साहित करेंगे।
जय भटटाचार्य ने कहा "अगले NIH के डायरेक्टर के तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा मुझे नामांकित किए जाने से मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। हम अमेरिकी वैज्ञानिक संस्थानों में सुधार करेंगे, जिससे लोग फिर एक बार उन पर भरोसा कर सकें। अमेरिका को फिर से स्वस्थ बनाने के लिए बेहतरीन विज्ञान के रिजल्ट के रूप में तैनात करेंगे।"
नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जय भट्टाचार्य के नॉमिनशन का ऐलान करते हुए कहा कि मैं NIH के डायरेक्टर के रूप में सेवा करने के लिए जय भट्टाचार्य, एमडी, पीएचडी को नॉमिनेट कर रोमांचित हूं। वह देश के चिकित्सा अनुसंधान को निर्देशित करने और महत्वपूर्ण रिसर्च के लिए रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर के साथ मिल कर काम करेंगे। जिससे हैल्थ सेक्टर में सुधार होगा और लोगों की सुरक्षा होगी।
जय भट्टाचार्य का जन्म साल 1968 में कोलकाता में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1997 मेंस्टैनफोर्ड से चिकित्सा में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी। इसके बाद उन्होंने उसी विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। वे वर्तमान में जय भट्टाचार्य नेशनल ब्यूरो ऑफ़ इकोनॉमिक्स रिसर्च में शोध सहयोगी हैं।
कोलकाता में जन्मे जय भट्टाचार्य उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए थे। वह स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) में स्वास्थ्य नीति के प्रोफेसर हैं। भट्टाचार्य उस समय सुर्खियों में आए थे, जब कोरोना काल में लॉकडाउन का उन्होंने खुल कर विरोध किया। उन्होंने मास्क नीति का भी विरोध कर लोगों में कोरोना फैलने देने पर जोर दिया था, ताकि हार्ड इम्युनिटी हासिल की जा सके। अपने विचारों के लिए उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध भी झेलने पड़े।
Published on:
28 Nov 2024 02:27 pm
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