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यूरोप की हवा की निगरानी 36 हज़ार किलोमीटर की ऊंचाई से, सामने आई पहली तस्वीर

यूरोप की हवा की निगरानी 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई से की जाती है। हाल ही में यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने इसकी पहली तस्वीर भी शेयर की है।
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भारत

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Tanay Mishra

•

Updated: 27 Oct 2025, 12:03 PM IST

Europe's air quality monitoring

Europe's air quality monitoring (Photo - European Space Agency)

वायु प्रदूषण दुनियाभर के लिए एक गंभीर समस्या बन गया है। ऐसे में इस स्थिति को काबू में लाने के लिए और हवा की निगरानी रखने के लिए यूरोप (Europe) में 36,000 किलोमीटर की ऊंचाई से निगरानी रखी जारी है। यूरोपीय स्पेस एजेंसी (European Space Agency - ESA) ने हाल ही में इसकी पहली तस्वीर भी शेयर की है। यह तस्वीर यूरोपीय यूनियन के कॉपरनिकस सेंटिनल-4 (Copernicus Sentinel-4) मिशन के तहत लिए गए हैं, जो वायू प्रदूषण की निगरानी का काम करता है।

हर घंटे भेजता है वायु प्रदूषण का डेटा

यूरोपीय यूनियन का कॉपरनिकस सेंटिनल-4 मिशन, यूरोप में हवा और प्रदूषण की निगरानी के लिए बेहद उपयोगी है। यह मिशन मेटियोसैट थर्ड जनरेशन साउंडर 1 उपग्रह पर आधारित है और हर घंटे वायु प्रदूषण का डेटा भेजता है।

महत्वपूर्ण मिशन हो सकता है साबित

हर घंटे अपडेट प्राप्त होने से वायु गुणवत्ता में त्वरित बदलावों का पता चल सकता है और समय पर चेतावनी जारी की जा सकती है। यह मिशन वायु प्रदूषण की निगरानी और भविष्यवाणी के क्षेत्र में काफी महत्वपूर्ण मिशन साबित हो सकता है।

क्या है मिशन का उद्देश्य?

यूरोपीय स्पेस एजेंसी ने जो तस्वीर शेयर की है, उसमें इटली में नाइट्रोजन डाईऑक्साइड हॉटस्पॉट दिखा, जिससे इसके उच्च स्तर का पता चलता है। वहीं ग्रीस में ओज़ोन की अधिक सांद्रता पाई गई। यह गंभीर स्थिति है और कॉपरनिकस सेंटिनल-4 मिशन का उद्देश्य नाइट्रोजन डाईऑक्साइड, सल्फर प्रमुख प्रदूषकों की सांद्रता का पता लगाना है।