
इजरायल की सेना गाजा में खाने का इंतजार कर रहे फिलिस्तीनियों को गोलियों से भून डाला। (फोटो: वाशिंगटन पोस्ट)
Gaza food aid shooting: ग़ाज़ा में रविवार को दक्षिणी राफा और ग़ाज़ा सिटी के विभिन्न सहायता वितरण स्थलों पर भोजन का इंतजार कर रही भीड़ पर इज़राइल की सेना ने गोलीबारी कर दी। इसमें कम से कम 32 फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग जख्मी हो गए। घायलों में कई महिलाएं और बच्चे शामिल हैं, जिनका इलाज सीमित संसाधनों वाले ग़ाज़ा अस्पतालों में हो रहा है। कई घायल मिस्र और जॉर्डन के अस्पतालों में स्थानांतरित करने पर बातचीत चल रही है।
ग़ाज़ा के सरकारी मीडिया कार्यालय के अनुसार, यह हमला सुबह के समय उस वक्त हुआ जब हजारों भूखे लोग दक्षिणी ग़ाज़ा के राफा शहर में एक सहायता वितरण केंद्र के पास एकत्र थे। इज़राइली टैंकों ने अचानक भीड़ पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे मौके पर ही 31 लोगों की मौत हो गई। इसके थोड़ी देर बाद ग़ाज़ा शहर में नेत्ज़ारिम कॉरिडोर के पास एक और वितरण केंद्र पर भी गोलीबारी हुई, जिसमें एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई।
ये वितरण स्थल ग़ाज़ा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) की ओर से संचालित किए जा रहे थे, जिसे इज़राइल और अमेरिका का समर्थन प्राप्त है। यह संस्था ग़ाज़ा में खाद्य सहायता पहुंचाने के लिए नया अभियान चला रही है, जो पहले ही सप्ताह में विवादों और हिंसा से घिर गया है।
घटना के प्रत्यक्षदर्शी इब्राहीम अबू सऊद ने बताया कि वह और अन्य लोग जब भोजन लेने केंद्र की ओर बढ़ रहे थे, तभी करीब 300 मीटर की दूरी से इज़राइली सैनिकों ने गोलियां चलाईं। उसने बताया, “हमारे साथ एक युवक था जिसे गोली लगी और वह वहीं मर गया, हम उसकी मदद नहीं कर पाए।”
पत्रकार हिंद खौदरी के अनुसार ग़ाज़ा के नागरिक जान जोखिम में डाल कर इन वितरण केंद्रों पर इसलिए जा रहे हैं, क्योंकि उनके पास और कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने कहा, “ये केंद्र अमेरिका और इज़राइल समर्थित हैं, लेकिन फिलिस्तीनी लोग अपने बच्चों के लिए एक वक्त का खाना लेने के लिए मजबूर हैं।”
इस घटना ने ग़ाज़ा में पहले से जारी मानवीय संकट और गहरा गया है। अस्पताल पहले से ही क्षमताओं से अधिक दबाव में हैं और दवाइयों व चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी है। वहीं, इस प्रकार की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों और मानवीय सहायता की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने ग़ाज़ा में आम नागरिकों पर हुए हमले की निंदा करते हुए तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग की है। तुर्की, कतर और जॉर्डन ने इसे “युद्ध अपराध” करार दिया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल दखल देने की अपील की है। इज़राइली सेना ने घटना की पुष्टि करने से इनकार किया है और इसे “जांचाधीन” बताया है।
संयुक्त राष्ट्र राहत और पुनर्वास एजेंसी (UNRWA) ने आगामी सभी सहायता वितरण कार्य अस्थायी रूप से रोक दिए हैं।
ग़ाज़ा ह्युमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) की भूमिका को लेकर विवाद बढ़ गया है। स्थानीय संगठनों ने आरोप लगाया है कि यह संस्था इज़राइल और अमेरिका के राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा दे रही है। सहायता पाने के लिए जाने वाले लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं बचा है,क्योंकि लगातार हमलों के बाद स्थानीय एनजीओ और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ पीछे हट चुकी हैं।
Published on:
01 Jun 2025 09:25 pm
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