
हिजबुल्लाह ने इजरायल पर हमला किया। ( फोटो : ANI)
Hezbollah Attack : मध्य पूर्व में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध की आग अब लेबनान सीमा पर भी तेजी से फैल रही है। ताजा घटनाक्रम में, लेबनान के शक्तिशाली सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना पर दो बड़े और सटीक हमले किए हैं। इन हमलों ने एक बार फिर दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध की आशंकाओं को बढ़ा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का माहौल है।
हिजबुल्लाह की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि उनके लड़ाकों ने दक्षिणी लेबनान के मजदल जौन इलाके में उड़ रहे एक इजरायली ड्रोन को मार गिराया है। रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो यह कोई सामान्य घटना नहीं है। इजरायली सेना अपने ड्रोन्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से सीमा पार जासूसी करने, हिजबुल्लाह के ठिकानों की खुफिया जानकारी जुटाने और सटीक हवाई हमले करने के लिए करती है। इस उन्नत ड्रोन को मार गिराकर हिजबुल्लाह ने यह साफ संदेश देने की कोशिश की है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली काफी सक्रिय और मजबूत है, जो इजरायल की हर हवाई चाल को नाकाम करने का माद्दा रखती है।
ड्रोन गिराने के साथ-साथ हिजबुल्लाह ने जमीनी स्तर पर भी एक बड़ा दावा किया है। समूह ने बताया कि उसने दक्षिणी लेबनान के ही एक अन्य शहर तैयबेह में इजरायली सैनिकों के एक जमावड़े को अपना निशाना बनाया है। जानकारी के मुताबिक, इजरायली सैनिक इस इलाके में एक रणनीतिक बिंदु पर इकट्ठा थे, तभी हिजबुल्लाह ने उन पर सीधा हमला बोल दिया।
अगर हम इस पूरे मामले को समझें, तो इजरायल और लेबनान के बीच की सीमा पर पिछले कई महीनों से लगातार तोपखाने और रॉकेट से गोलाबारी हो रही है। हिजबुल्लाह, गाजा में हमास के समर्थन में इजरायल पर दबाव बनाने के लिए रॉकेट दाग रहा है, जबकि इजरायल इसके जवाब में लेबनान के अंदर तक घुस कर हवाई हमले कर रहा है। इन दोनों ताकतों के बीच इस रोज-रोज के संघर्ष ने क्षेत्र की शांति को पूरी तरह से भंग कर दिया है।
हिजबुल्लाह के इन दो बड़े हमलों के दावे पर फिलहाल इजरायली रक्षा बल की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है। आमतौर पर इजरायल अपनी सैन्य क्षति या ऐसे दावों पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं देता है, लेकिन वह इसका जवाब बेहद आक्रामक सैन्य कार्रवाई से देता है। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेषकर संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका, इस ताजा घटनाक्रम पर गहरी चिंता जता रहे हैं। विश्व नेताओं को डर है कि लेबनान सीमा पर यह लगातार हो रही गोलाबारी किसी भी समय एक भयानक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकती है, जिसमें और भी कई देश खिंच सकते हैं।
इस घटना के तुरंत बाद सीमावर्ती इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। रक्षा जानकारों का मानना है कि अपने ड्रोन के नष्ट होने और सैनिकों पर हुए हमले के जवाब में इजरायल जल्द ही दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के अहम ठिकानों, उनके हथियारों के डिपो और लॉन्च पैड्स पर भारी हवाई बमबारी कर सकता है। इस बीच, दक्षिणी लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र की शांति सेना लगातार दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता करने और स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रही है। आने वाले कुछ घंटे या दिन इस मोर्चे पर बेहद संवेदनशील साबित हो सकते हैं।
इस पूरे सैन्य तनाव का एक बहुत ही दर्दनाक पहलू आम नागरिकों का जीवन है। सीमा पर लगातार हो रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजरायल से लाखों लोग अपने घर-बार छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं। सीमावर्ती गांवों में सन्नाटा पसरा है, बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से ठप हो गई है और लोगों में हर पल खौफ का माहौल रहता है। इसके साथ ही, यह संघर्ष अब एक 'तकनीकी युद्ध' बन चुका है, जहां इंसानी सैनिकों से ज्यादा आधुनिक ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक की असल परीक्षा हो रही है। आम लोगों की जिंदगी इस भू-राजनीतिक लड़ाई में पूरी तरह पिस कर रह गई है।
Updated on:
23 Apr 2026 09:36 pm
Published on:
23 Apr 2026 08:31 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
