28 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इजराइल-लेबनान डील को हिज्बुल्लाह ने ठुकराया, कहा- यह देश में भाई-भाई के बीच लड़ाई कराने वाला सौदा

Lebanon Israel deal latest updates:इजराइल-लेबनान डील पर हिज्बुल्लाह का गुस्सा फूटा है। उसने कहा कि हथियार छोड़ने की शर्त ने देश को अंदरूनी जंग की कगार पर पहुंचा दिया।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Mukul Kumar

Jun 28, 2026

Israel Lebanon agreement

इजरायल-लेबनान समझौता। (फोटो-X/@Breaking911)

इजराइल के साथ हाल ही में हुए सीजफायर समझौते को लेकर लेबनान में हिज्बुल्लाह के एक सांसद ने खुलकर आलोचना की है। उन्होंने इसे 'झुकाव और शर्मिंदगी का सौदा' बताया है। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि इससे लेबनान में गृहयुद्ध छिड़ सकता है।

हिज्बुल्लाह की लॉयल्टी टू रेसिस्टेंस ब्लॉक के सांसद हसन फदलल्लाह ने कहा कि यह समझौता कभी लागू ही नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि लेबनान की सरकार और लोगों पर जबरदस्ती थोपा गया यह डील देश की एकता को तोड़ने वाला साबित हो सकता है।

हिज्बुल्लाह के हथियार छोड़ने की शर्त पर विवाद

इस समझौते में सबसे विवादास्पद बात यह है कि हिज्बुल्लाह को अपने सभी हथियार छोड़ने होंगे और लेबनान की सरकार ही देश में एकमात्र सैन्य ताकत बनेगी।

इस पर हसन फदलल्लाह ने साफ कहा कि यह शर्त लेबनान की संप्रभुता पर हमला है। उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों एक प्रतिरोधी ताकत को बिना उसकी राय लिए हथियार छोड़ने की बात कही जा रही है।

उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह ने इन बातचीतों में हिस्सा ही नहीं लिया था। अमेरिका की मध्यस्थता में इजराइल और लेबनान सरकार के बीच यह डील हुई है। सांसद ने यह भी कहा कि उनकी अनुपस्थिति में लिया गया फैसला उनके संगठन और समर्थकों पर थोपा गया है।

लेबनान के अंदरूनी हालात बेहद खराब

लेबनान पहले से ही आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता और अलग-अलग गुटों के बीच तनाव झेल रहा है। ऐसे में अगर हिज्बुल्लाह को निरस्त्र करने की कोशिश की गई तो कई इलाकों में विरोध बढ़ सकता है।

हसन फदलल्लाह ने कहा कि यह डील लेबनान के अंदर भाई-भाई की लड़ाई को जन्म दे सकता है। उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह लंबे समय से इजराइल के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय रहा है। कई लोग इसे देश की सुरक्षा की गारंटी मानते हैं। अचानक हथियार छुड़वाने से समर्थकों में गुस्सा फैल सकता है।

समझौते का क्या है पूरा मकसद?

यह डील इजराइल-लेबनान सीमा पर चल रही लड़ाई को रोकने के लिए की गई है। दोनों तरफ से गोलीबारी और हमलों में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका इस समझौते को सफलता मान रहा है, लेकिन हिज्बुल्लाह इसे कमजोरी के रूप में देख रहा है।

फदलल्लाह ने कहा कि हिज्बुल्लाह इस डील को मानने के लिए तैयार नहीं है। उनका संगठन अभी भी मजबूत है और जरूरत पड़ने पर इजराइल का मुकाबला करने की क्षमता रखता है।

उन्होंने लेबनान की सरकार से भी अपील की कि वह अपने लोगों की भावनाओं को समझे और ऐसे समझौते को जबरन लागू न करने की कोशिश करे।