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लाल सागर में समुद्री सुरक्षा पर संकट, हूती की धमकी के बाद कुवैत का बड़ा ऐलान

Middle East Tensions: कुवैत ने सऊदी अरब के जहाजों को हुती समूह से मिल रही धमकियों की निंदा करते हुए रियाद को अपना पूरा समर्थन दोहराया है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री आवाजाही की आजादी की रक्षा करने पर जोर दिया है।
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Red Sea Crisis

समुद्री सुरक्षा पर कुवैत का सऊदी अरब को समर्थन, photo- IANS

Middle East Tensions: कुवैत ने सऊदी अरब के जहाजों को हुती समूह से मिल रही धमकियों की निंदा करते हुए रियाद को अपना पूरा समर्थन दोहराया है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री आवाजाही की आजादी की रक्षा करने पर जोर दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में हुती समूह की ओर से रियाद पर लगाए गए झूठे आरोपों को खारिज किया और समुद्री आवाजाही में व्यवधान खड़ा करने की निंदा की।

प्रस्ताव 2722 को लागू करने का आव्हान

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों, खासकर यमन पर प्रस्ताव 2216 और लाल सागर में आवाजाही की सुरक्षा पर प्रस्ताव 2722 को लागू करने का आह्वान किया। सऊदी अरब के साथ कुवैत की पूरी एकजुटता को भी दोहराया और कहा कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सऊदी अरब द्वारा उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है।

हूती समूह की धमकियों का देंगे जवाब

कुवैत के विदेश मंत्रालय का यह बयान हुती समूह द्वारा सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध की घोषणा के एक दिन बाद आया है। समूह ने रियाद पर पिछले हफ्ते हुती-नियंत्रित सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बमबारी करने का आरोप लगाया था।

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरी और निर्णायक कदम उठाने का संकल्प लिया और हुती समूह की किसी भी धमकी का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी।

सऊदी अरब के महत्वपूर्ण ठिकाने निशाने पर

हुती समूह ने चेतावनी दी कि सऊदी अरब के महत्वपूर्ण लक्ष्य समूह की सेनाओं की पहुंच के भीतर हैं, और हुती समूह यमन पर लगाए गए तथाकथित नाकेबंदी को खत्म करने के लिए सबसे बड़ी कीमत चुकाने को तैयार है।

हुती सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के सदस्य अब्दुल्ला अल-नामी ने लेबनान स्थित प्रसारक अल-मायादीन को बताया कि सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सभी देशों से उड़ानें आएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि हवाई अड्डे से आने-जाने वाली उड़ानों को रोकने की सऊदी अरब की किसी भी कोशिश का व्यापक जवाब दिया जाएगा। अल-नामी ने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका यमन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सऊदी अरब का साथ देता है, तो वाशिंगटन मुश्किल स्थिति में फंस जाएगा।