
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता जहाज। (फोटो- IANS)
Energy Lifeline: भारत की ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बहुत ही महत्वपूर्ण और राहत भरी खबर आई है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) दुनिया की सबसे संवेदनशील समुद्री नस है, और मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच भारतीय जहाजों का वहां से सुरक्षित निकलना भारत की सक्रिय कूटनीति की जीत दर्शाता है। पाइन गैस (Pine Gas) और जग वसंत (Jag Vasant) नामक दो एलपीजी टैंकरों ने 23 मार्च 2026 को सुरक्षित रूप से स्ट्रेट को पार कर लिया है। ईरान की नौसेना (IRGC) की ओर से इन जहाजों को रास्ता देना यह संकेत देता है कि इस संकट की घड़ी में भारत के ईरान के साथ द्विपक्षीय संबंध काम आ रहे हैं। इससे पहले शिवालिक (Shivalik) और नंदादेवी (Nanda Devi) भी सुरक्षित मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंच चुके हैं, जो घरेलू एलपीजी सप्लाई (Energy Lifeline) के लिए जरूरी थे। हालांकि यह अच्छी खबर है, लेकिन संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। अभी भी 20-22 भारतीय जहाज होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं।
इन जहाजों में लगभग 1.7 मिलियन टन क्रूड ऑइल और गैस है, जो भारत की अर्थव्यवस्था के लिए जीवनरेखा के समान है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नौसेना ने अपने युद्धपोतों की उपस्थिति बढ़ा दी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सुरक्षा प्रदान की जा सके।
गौरतलब है कि दुनिया का 20% तेल इसी संकीर्ण रास्ते से गुजरता है, इसलिए होर्मुज में कोई भी लंबी रुकावट भारत में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल ला सकती है। भारत की ओर से ईरान के साथ की जा रही सीधी बातचीत और नौसेना की सतर्कता ने अब तक एक बड़े ऊर्जा संकट को टालने में मदद की है।
Updated on:
24 Mar 2026 05:44 pm
Published on:
24 Mar 2026 03:52 pm
