
Cut Pakistan Funding
Pahalgam terror attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर घेरने की मुहिम तेज कर दी है। अब भारत ने इटली और एशियाई विकास बैंक (ADB) से पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में कटौती करने की मांग की है। इस कार्रवाई का मकसद पाकिस्तान को आतंकवाद का समर्थन करने की कीमत चुकाने पर मजबूर करना है।
सूत्रों के अनुसार, मिलान में आयोजित ADB की 58वीं वार्षिक बैठक के दौरान भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इटली के वित्त मंत्री जियानकार्लो जियोर्जेटी से मुलाकात की और स्पष्ट रूप से कहा कि इटली को पाकिस्तान को दी जा रही सहायता की समीक्षा करनी चाहिए। यूएनडीपी के अनुसार, इटली पाकिस्तान में कई विकास परियोजनाओं में भागीदार रहा है, लेकिन भारत का मानना है कि इस धन का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने में हो सकता है।
इसी बैठक के दौरान भारत ने एशियाई विकास बैंक से भी मांग की कि पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में तत्काल कटौती की जाए। भारत का तर्क है कि ऐसे फंड का इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले तत्वों तक पहुँच सकता है।
भारत ने पहले ही पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को सीमित कर दिया है और सिंधु जल संधि को निलंबित करने का फैसला लिया है। इसके अलावा, भारत अब FATF (Financial Action Task Force) से भी पाकिस्तान को फिर से ‘ग्रे लिस्ट’ में डालने की सिफारिश करने वाला है।
भारत पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता को कमजोर कर यह स्पष्ट संदेश दे रहा है कि आतंक को संरक्षण देने की नीति अब आर्थिक और राजनयिक रूप से महंगी साबित होगी।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की सख्ती
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत और दर्जनों घायल।
भारत ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद करार दिया।
मिलान में हुई ADB की 58वीं वार्षिक बैठक के दौरान भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह मुद्दा उठाया।
उन्होंने अपने इतालवी समकक्ष जियानकार्लो जियोर्जेटी से आग्रह किया कि इटली पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता पर पुनर्विचार करे।
यूएनडीपी के अनुसार, इटली पाकिस्तान में कई प्रमुख विकास परियोजनाओं में सहयोगी है।
भारत ने एशियाई विकास बैंक (ADB) से कहा कि पाकिस्तान को दी जाने वाली क्षेत्रीय आर्थिक सहायता पर रोक लगे।
भारत का तर्क: ये धन आतंक को अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग पहुंचा सकता है।
भारत जल्द ही FATF से पाकिस्तान को फिर से ग्रे लिस्ट में डालने की सिफारिश करेगा।
FATF की ग्रे लिस्ट में शामिल होने से पाकिस्तान की वैश्विक फंडिंग और विदेशी निवेश पर असर पड़ता है।
भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित किया है, जिससे पाकिस्तान की जल आपूर्ति पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा।
यह कार्रवाई भी पहलगाम हमले के बाद प्रतिशोधात्मक नीति का हिस्सा है।
भारत ने पाकिस्तान के साथ सभी अनावश्यक संवाद और सहयोग सीमित किए हैं।
कूटनीतिक दूतावासों में संवाद का स्तर घटाया गया है।
भारत ने साफ किया कि पाकिस्तान जैसे देशों को आर्थिक और कूटनीतिक मंचों पर घेरा जाएगा।
विश्व समुदाय से सहयोग की अपील की जा रही है ताकि आतंक के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई की जा सके।
Published on:
05 May 2025 07:39 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
