
भारतीय जहाजों पर फायरिंग के बाद ईरान की आई प्रतिक्रिया (Photo-IANS)
Firing On Indian Ships: अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच दो भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकरों पर हमला किया गया। इस घटना के बाद ईरान की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। भारत में ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी घटना की जानकारी नहीं है, लेकिन भारत-ईरान संबंध बहुत मजबूत हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ईरान और भारत के रिश्ते बेहद मजबूत हैं। आपने जिस घटना का जिक्र किया, उसकी मुझे जानकारी नहीं है। हम उम्मीद करते हैं कि हालात जल्द सामान्य होंगे। ईरान हमेशा शांति के पक्ष में रहा है, युद्ध के नहीं।
इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हाल ही में सकारात्मक बातचीत हुई है। इसके अलावा विदेश मंत्री स्तर पर भी दोनों देशों के बीच संवाद जारी है।
इलाही ने कहा कि भारत और ईरान का संबंध काफी पुराना है। दोनों देश संस्कृति, सभ्यता, शिक्षा और दर्शन से जुड़े हुए हैं। यह रिश्ता आगे भी और मजबूत होगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजर रहे भारतीय झंडे वाले दो टैंकर पर ईरानी नौसेना ने फायरिंग की। बताया जा रहा है कि ये जहाज इराकी तेल लेकर जा रहे थे। एक अधिकारी के मुताबिक, दोनों जहाजों पर फायरिंग हुई है।
बता दें कि यह यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब युद्ध के चलते कच्चे तेल की सप्लाई और कीतमों को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।
वहीं होर्मुज में दो भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहली को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, विदेश सचिव ने इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत के लिए व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा बेहद अहम है। उन्होंने ईरान से भारत आने वाले जहाजों के सुरक्षित आवागमन को जल्द बहाल करने की अपील की।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए खतरा बढ़ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी नौसेना ने जहाजों को चेतावनी दी है कि यदि वे इस क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं, तो उन्हें दुश्मन का सहयोगी माना जाएगा और निशाना बनाया जा सकता है।
बता दें कि यह चेतावनी उस समय आई है जब ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों पर प्रतिबंध लगाए रखेगा, तब तक यह रास्ता बंद रहेगा।
Updated on:
19 Apr 2026 06:52 am
Published on:
19 Apr 2026 06:49 am
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