13 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान का बड़ा एक्शन, ‘आई फॉर एन आई’ ऑपरेशन के तहत कुवैत के दो सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने 'आई-फॉर-एन-आई' ऑपरेशन के तहत कुवैत के दो सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया। बढ़ते तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंता भी गहरा गई।
2 min read
Google source verification

भारत

image

Ankit Sai

Jul 13, 2026

US-Iran

ईरान ने ऑपरेशन आई-फॉर-एन-आई शुरू किया (ANI Photo)

Iran Eye For An Eye Operation: अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद मिडल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आई-फॉर-एन-आई (Eye-For-An-Eye) ऑपरेशन शुरू किया, इसके तहत ईरान ने कुवैत के दो सैन्य ठिकानों पर हमला किया। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में की गई है। वहीं अमेरिका ने भी ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले करने की पुष्टि की है।

कुवैत के दो एयरबेस को बनाया निशाना

IRGC ने कहा कि उसके हमलों में कुवैत के अली अल-सलेम एयर बेस और अहमद अल-जबर एयर बेस को निशाना बनाया गया। IRGC का दावा है कि अली अल-सलेम एयर बेस पर मौजूद तेल टैंकों और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह नष्ट कर दिया। वहीं अहमद अल-जबर एयर बेस पर लगे FPS रडार सिस्टम को भी तबाह करने का दावा किया गया है।

ईरान ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के जवाब में चलाए जा रहे आई फॉर एन आई अभियान के तीसरे चरण का हिस्सा है और यह अभियान अभी जारी रहेगा।

होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण नहीं- अमेरिका

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि उसने ईरान के खिलाफ कई सैन्य हमले किए है। अमेरिकी सेना ने कई अलग-अलग स्थानों पर कई ठिकानों को निशाना बनाया। CENTCOM के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार में बाधा डाल सकता है।

अमेरिका ने कहा कि उसके हमलों में ईरान के सैन्य एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय रडार, मिसाइल और ड्रोन क्षमता तथा छोटी सैन्य नौकाओं को निशाना बनाया गया। CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज वैश्विक व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ईरान का इस पर नियंत्रण नहीं है।

ऑपरेशन के पहले दो चरणों का भी किया जिक्र

IRGC ने अपने बयान में बताया कि अभियान के पहले चरण में जॉर्डन के प्रिंस हसन एयरबेस को निशाना बनाया गया था। ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के कई तेल भंडार और गोला-बारूद भंडारण केंद्रों में आग लगा दी। इसके बाद दूसरे चरण में बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर हमला किया गया। अब तीसरे चरण में कुवैत के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

जानिए कैसे बढ़ा था विवाद

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने तेहरान समेत कई शहरों पर संयुक्त हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान ने क्षेत्र में अमेरिका और इजरायल से जुड़े ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इसी दौरान होर्मुज में भी तनाव बढ़ गया। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच कई दौर की शांति वार्ता भी हुई, लेकिन अब तक दोनों देशों के बीच जारी सैन्य तनाव खत्म नहीं हुआ है।


बड़ी खबरें

View All

विदेश

ट्रेंडिंग

US Israel Iran War