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US-Israel-Iran War: ईरान ने भारत-रूस-चीन समेत इन देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की दी इजाजत

Middle East Conflict: मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईरान ने भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी है।

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Iranian Foreign Minister Abbas Araghchi announces that India, China, Russia, Iraq, and Pakistan are allowed to pass through the Strait of Hormuz amid Middle East tensions, following UN Secretary-General Antonio Guterres call to reopen the route.

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Photo - IANS)

Iran on Strait of hormuz: मध्य-पूर्व में तनाव के बीच ईरान से भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है। दरअसल, ईरान ने भारत समेत पांच देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी है। भारत के अलावा चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान को इस जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी है। यह जानकारी ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की तरफ से आई है।

मुंबई स्थित ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने पोस्ट में कहा, 'ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि हमने चीन, रूस, भारत, इराक और पाकिस्तान सहित मित्र देशों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दी है।'

UN के महासचिव ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने की वकालत की थी

खास बात यह है कि ईरान की तरफ से यह फैसला संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की टिप्पणियों के बाद हुआ है, जिन्होंने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने का आह्वान किया था।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोशल मीडिया एक्स पोस्ट में कहा था कि होर्मुज स्ट्रेट के लंबे समय तक बंद रहने से वैश्विक बुवाई के महत्वपूर्ण मौसम में तेल, गैस और उर्वरक की आवाजाही बाधित हो रही है। पूरे क्षेत्र और उससे परे, नागरिक गंभीर नुकसान झेल रहे हैं। घोर असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र युद्ध के परिणामों को कम करने के लिए काम कर रहा है। इन परिणामों को कम करने का सबसे अच्छा तरीका स्पष्ट है, युद्ध को तुरंत समाप्त करें।'

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ने अमेरिका और इजरायल से पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा, 'अमेरिका और इजरायल को मेरा संदेश है कि युद्ध समाप्त करने का समय आ गया है, क्योंकि मानवीय पीड़ा बढ़ती जा रही है, नागरिकों की मौतें बढ़ती जा रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका विनाशकारी प्रभाव पड़ रहा है। ईरान को मेरा संदेश है कि वह अपने उन पड़ोसियों पर हमला करना बंद करें जो इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं।'

हमले के बाद अमेरिका से कोई बातचीत नहीं: ईरान

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका कुछ दिनों से विभिन्न माध्यमों से अलग-अलग संदेश भेज रहा है। जब मित्र देशों के माध्यम से हमें संदेश भेज जाते हैं। हम जवाब में स्थिति स्पष्ट करते हैं या चेतावनी जारी करते हैं, तो इसे ना तो बातचीत कहा जाता है और ना ही संवाद। यह केवल हमारे मित्रों के माध्यम से संबंधों का आदान-प्रदान है। हमने अपने सैद्धांतिक रूख को दोहराया है।

अब्बास अराघची ने एक बार फिर दोहराया कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है। हमने युद्ध की शुरुआत नहीं की है। हम इसे इस तरह समाप्त करना चाहते हैं कि यह दोबारा ना हो।