
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (फोटो- ANI)
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Israel Prime Minister Benjamin Netanyahu) और राष्ट्रपति इसाक हरजोग (Israel President Isaac Herzog) मंगलवार को ईरानी हमलों से पीड़ितों की स्मृति सभा में शामिल हुए। इस सभा में इजरायल के सर्वोच्च नेताओं ने ईरान युद्ध (Iran War) हमलों से पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। स्मृति सभा में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा- मेरे प्यारे भाइयों और बहनों, आपका गहरा नुकसान हम सबका नुकसान है। आपका गहरा दुख हम सबका दुख है। घायलों का शारीरिक और मानसिक दर्द हम सबका दर्द है।
ईरान युद्ध हमलों से प्रभावित परिवारों की स्मृति सभा में बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हम एक ही परिवार जैसे हैं। एक साथ खड़े रहना ही हमारी ताकत है। हम साथ में शोक मनाते हैं, साथ में दुख साझा करते हैं और साथ में सभोपदेशक की किताब के शब्दों को याद करते हैं। अगर कोई गिर जाए तो दूसरा उसे उठा लेगा। हम साथ मिलकर अपने दुश्मनों से लड़ते रहेंगे और जो हमारी जान के दुश्मन हैं, उन्हें हराएंगे। नेतन्याहू ने 7 महीने पहले यरुशलम की उस घटना का जिक्र किया, जिसमें एक बच्ची सरिता मेंडेलसन की मां की गोलीबारी में मौत हो गई थी।
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमारे और उनके बीच बहुत गहरी नैतिक खाई है। एक तरफ वो लोग हैं जो हमें खत्म करना चाहते हैं और दूसरी तरफ साफ दिल वाले हमारे अपने लोग हैं। जब से हमारा राष्ट्रीय पुनर्जागरण शुरू हुआ है, ये घृणा से भरे लोग हमारे खिलाफ खड़े हैं। नेतन्याहू ने कहा कि उनके धार्मिक नेता भड़काने वाली बातें करते हैं। उनके शैक्षणिक संस्थानों की किताबें, जो जहर से भरी होती हैं। वहां बच्चों का दिमाग बदला जाता है। इन सब चीजों से कई पीढ़ी से जूझते आ रहे हैं।
नेतन्याहू ने आगे कहा- मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि आज से 90 साल पहले 1936 में दंगे शुरू हुए थे, जिन्होंने यहूदी समुदाय को बहुत नुकसान पहुंचाया था, लेकिन हम तब भी टिके रहे। हमारे पड़ोसियों का यह क्रूर और कट्टर रूप अपने चरम पर 7 अक्टूबर के हमले में सामने आया, जिसे सिम्हात तोरा के दिन पश्चिमी नेगेव में हुए नरसंहार के रूप में जाना जाता है, जो ढाई साल पहले हुआ था। उन्होंने कहा कि सितंबर 2025 में जब मैंने संयुक्त राष्ट्र में अपना आखिरी भाषण दिया था, मैंने निर्देश दिया था कि उन घटनाओं की गवाही संयुक्त राष्ट्र भवन में दिखाई जाए। उसी भाषण में मैंने दुनिया के लोगों से कहा था कि वे इंटरनेट पर एक कोड के जरिए उस जगह की सच्चाई देखें और समझें कि हमारी लड़ाई क्यों सही है।
इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा- लाखों लोगों ने इस तरह सीधे उन भयानक अपराधों को देखा जो हमास की ओर से किए गए थे। कुछ हफ्तों बाद गाजा में हमास पर हमारे सैन्य दबाव और हमारे दोस्त अमेरिका के सहयोग से हम सभी बंधकों को आखिरी व्यक्ति तक वापस लाने में सफल हुए, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। हम अभी भी लगातार कोशिश कर रहे हैं कि जिन्होंने हमें नुकसान पहुंचाया है, उनसे हिसाब बराबर किया जाए।
IDF और ISA की विशेष टीमों की मदद से हम उनका पीछा करते हैं और हमें कई सफलताएं भी मिली हैं। नेतन्याहू ने कहा- जब मैं ऑपरेशन 'रोरिंग लायन' की शुरुआत में बेत शेमेश गया था तो मैंने देखा कि ईरान के हमले में प्रभावित जगह के मलबे के बीच इजराइल के झंडे लगे हुए थे। यह एक प्रतीक है हिम्मत और मजबूती का और उन लोगों के सामने झुकने से इनकार का जो तबाही और बर्बादी लाते हैं।
Published on:
22 Apr 2026 01:16 am
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