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ईरान की अमेरिका को दो टूक, ‘धमकी देकर बातचीत नहीं हो सकती’, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कही बड़ी बात

Iran US Tensions: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका को स्पष्ट चेतावनी दी है कि धमकियों और प्रतिबंधों के बीच बातचीत नहीं हो सकती। ईरान ने बातचीत से पहले अमेरिका के सामने शर्तें रखी हैं।
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Iran President Warning to Donald Trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन (फोटो-IANS)

Iran US War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय बयानबाजी तेज होती जा रही है। इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया है कि धमकियां देकर बातचीत नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक तरफ ईरान की घेराबंदी कर रहा है और दूसरी तरफ बातचीत की उम्मीद लगाए बैठा है। ऐसा नहीं हो सकता। अगर अमेरिका सच में बातचीत चाहता है तो उसे पहले ईरान के अधिकारों का सम्मान करना होगा और धमकियां, दबाव और हमले बंद करने होंगे।

बातचीत से पहले अमेरिका को बदलना होगा रवैया

ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि अमेरिका को ईरान के लोगों के अधिकार स्वीकार करने होंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले सभी रास्ते बंद करके धमकियां दें और साथ ही बातचीत की बात भी करें, यह नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिका को 'हमारे देश के अधिकारों को स्वीकार करना होगा और अपनी दादागिरी व आक्रामकता बंद करनी होगी। केवल तभी एक साथ बैठकर बातचीत की जा सकती है।

'हम युद्ध नहीं चाहते, लेकिन झुकेंगे भी नहीं'

पेजेशकियन ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी देश की धमकियों और दबाव के आगे वह नहीं झुकेगा। उन्होंने अमेरिकी हमलों और प्रतिबंधों का विरोध जारी रखने की बात कही। साथ ही उन्होंने अमेरिका पर समझौते करने के बाद उनसे पीछे हटने का आरोप भी लगाया।

होर्मुज संकट के लिए अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

इससे पहले कल पाकिस्तान के सेना प्रमुख के साथ हुई बैठक में पेजेशकियन ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने सवाल उठाया कि अमेरिका ने युद्ध क्यों शुरू किया और पूरी दुनिया को इसमें क्यों घसीटा। उन्होंने बातचीत से पहले दबाव, धमकियां और प्रतिबंध हटाने की मांग की है।

ईरान ने रखी सात शर्तें

पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ से भी मुलाकात की। तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक, गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जभी होगी जब उसकी सात शर्तें पूरी की जाएगी। इसमें मुख्य रूप से सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत रोकना, विदेशों में फ्रीज किए गए ईरानी संपत्ति को जारी करना और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटाना शामिल हैं।