
तेहरान के मुर्दाघरों में 'हाउसफुल'
ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए सरकार-विरोधी प्रदर्शन अब खूनी दमन में बदल चुके हैं। नॉर्वे स्थित स्वतंत्र मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHRNGO) ने चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। संगठन के अनुसार, राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के महज 18 दिनों में कम से कम 3,428 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। हजारों घायल हुए हैं और स्थिति हर घंटे और भयावह होती जा रही है।
IHRNGO ने दावा किया है कि इस्लामिक गणराज्य के स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्रालय के आंतरिक सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर अकेले 8 से 12 जनवरी के बीच 3,379 मौतें दर्ज की गई हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि यह आंकड़ा न्यूनतम है और वास्तविक संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है, क्योंकि इंटरनेट बंदी और संचार पर पूरी तरह पाबंदी के कारण स्वतंत्र सत्यापन लगभग असंभव हो गया है।
रिपोर्ट में कई दिल दहला देने वाले बयान शामिल हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि राश्त शहर में बाजार क्षेत्र में फंसे युवा प्रदर्शनकारियों ने आगजनी के बीच सुरक्षा बलों के सामने हाथ उठाकर आत्मसमर्पण किया, लेकिन उन्हें बेरहमी से गोली मार दी गई। कई गवाहों ने यह भी आरोप लगाया है कि घायल प्रदर्शनकारियों को अस्पतालों और सड़कों पर ही खत्म कर दिया जा रहा है, ताकि मौतों का आंकड़ा कम दिखे और घायलों की संख्या न बढ़े।
तेहरान के दक्षिण में स्थित कहरीज़ाक मुर्दाघर में शवों को काले थैलों में लिपटा हुआ दिखाया गया है। व्याकुल रिश्तेदार अपने प्रियजनों की तलाश में भटक रहे हैं। एएफपी द्वारा सत्यापित वीडियो में सड़कों पर बिछी लाशें और मुर्दाघरों में भारी भीड़ देखी जा सकती है। इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क पर लगी सख्त रोक के कारण ज्यादातर जानकारी गुमनाम प्रत्यक्षदर्शियों से ही बाहर आ पा रही है, जो स्थिति को और भी क्रूर बता रहे हैं।
अमेरिका स्थित इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर ने कहा है कि ईरानी अधिकारियों ने प्रदर्शनों को दबाने के लिए अभूतपूर्व स्तर की क्रूरता का इस्तेमाल किया है। प्रदर्शन अब तेजी से कमजोर पड़ रहे हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की हत्या और फांसी तुरंत रुकनी चाहिए, वरना ईरान को बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
पेंटागन ने हाल ही में यूएसएस अब्राहम लिंकन विमानवाहक स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट की ओर रवाना किया है, जिससे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है।
Updated on:
15 Jan 2026 05:32 pm
Published on:
15 Jan 2026 05:32 pm
