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एक मोर्चे पर भी जंग तो पूरे क्षेत्र में आग: खतीबजादेह की दो टूक, तेहरान को अस्थायी युद्धविराम कबूल नहीं

West Asia tension: ईरान के उप विदेश मंत्री खतीबजादेह ने क्षेत्र में किसी भी अस्थायी युद्धविराम को खारिज करते हुए कहा कि शांति के लिए हर मोर्चे पर संघर्ष पूरी तरह रुकना जरूरी है। पढ़ें पूरा बयान।
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Iran deputy foreign minister

ईरान ने अस्थायी युद्धविराम किया खारिज,Photo Source@ChatGpt

Iran Rejects Ceasefire: ईरान के उप विदेश मंत्री खतीबजादेह ने कहा कि, तेहरान क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अस्थायी युद्धविराम को पूरी तरह खारिज करता है। उन्होनें कहा कि, शांति के लिए हर मोर्चे पर युद्ध का पूरी तरह रुकना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी एक इलाके में भी लड़ाई जारी रहती है, तो पूरे क्षेत्र में युद्ध बना रहेगा।

ईरान और अमेरिका के बीच लेबनान प्रमुख मुद्दा

लेबनान के 'अल मयादीन' टेलीविजन नेटवर्क का हवाला देते हुए, सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि खतीबजादेह ने कहा कि ईरान लेबनान पर इजरायल के युद्ध को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस साल जून के मध्य में ईरान और अमेरिका के बीच हुए 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' (MoU) में इस लक्ष्य को शामिल किया गया था। उन्होंने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच हुई बातचीत में लेबनान एक प्रमुख मुद्दा था, और बेरुत की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने दोनों पक्षों को करीब लाने की कोशिश की।

ईरान के खिलाफ अमेरिका का युद्ध गैर कानूनी

उप विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरान के खिलाफ अमेरिका के युद्ध को 'गैर-कानूनी' करार दिया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन न तो ईरान की वायु रक्षा प्रणाली को नष्ट कर पाया और न ही हमलों को रोकने की उसकी क्षमता को खत्म कर सका। उन्होंने कहा कि तेहरान ने अपने अस्तित्व के लिए लड़े गए युद्ध का डटकर सामना किया है और वह आगे भी अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करना जारी रखेगा।

इजराइल को कंट्रोल करे अमेरिका

उन्होंने बताया कि ईरान की एक मुख्य मांग सभी युद्धों को खत्म करना है। अगर किसी एक मोर्चे पर भी लड़ाई जारी रहती है, तो इसका मतलब यही होगा कि हर जगह युद्ध अभी भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि इसी रुख के चलते तेहरान ने लेबनान में युद्ध खत्म करने की कोशिशें कीं, जिसमें उसे सफलता भी मिली।

खतीबजादेह ने यह भी आरोप लगाया कि वाशिंगटन और तेल अवीव ने ईरान और लेबनान पर हमले करके 'इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन' का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम कराने और लेबनान पर इजराइल के युद्ध को खत्म करने की कोशिशें रुक गई हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल पर अपनी बात रखने के मामले में भरोसा नहीं किया जा सकता, और अपने सहयोगी इजराइल को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी अमेरिका की है।