
व्लादिमीर पुतिन और मुज्तबा खामेनेई। (फोटो: AI)
Supreme Leader: मध्य पूर्व (Middle East) में चल रहे भारी तनाव के बीच एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। कुवैत के प्रमुख मीडिया आउटलेट (Kuwaiti Outlet) 'अल-जरीदा' ने एक बड़ा दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के नए सर्वोच्च नेता (Supreme Leader) मुज्तबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) हाल ही में गंभीर रूप से जख्मी (Severely Injured) हो गए हैं। इजराइली हवाई हमलों (Israeli Airstrikes) के भारी खौफ के कारण उन्हें इलाज के लिए ईरान में नहीं रखा गया। इसके बजाय, उन्हें एक बेहद खुफिया मिशन (Secret Mission) के तहत रूस (Russia) की राजधानी मॉस्को (Moscow) भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार 12 मार्च को एक विशेष रूसी सैन्य विमान (Russian Military Aircraft) के माध्यम से उन्हें वहां पहुंचाया गया। बताया जा रहा है कि खुद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने उनके इलाज का प्रस्ताव (Treatment Proposal) रखा था। इस समय उनकी सर्जरी (Surgery) सफल हो चुकी है और वे मॉस्को के राष्ट्रपति परिसर (Presidential Compound) में स्थित एक अति-सुरक्षित अस्पताल (Hospital) में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
ईरानी खुफिया एजेंसी (Iranian Intelligence) ने मुज्तबा खामेनेई को ईरान के किसी अस्पताल में रखना सुरक्षित नहीं समझा। उन्हें डर था कि मौजूदा तनाव के बीच इजराइल ईरान के बड़े अस्पतालों को अपना निशाना बना सकता है। इसलिए, रूस के साथ अपनी गहरी दोस्ती का फायदा उठाते हुए इस सीक्रेट मिशन को अंजाम दिया गया। मॉस्को में हुई उनकी मेडिकल सर्जरी पूरी तरह से सफल रही है और अब उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रिकवरी के लिए रखा गया है।
यह खबर लीक होते ही पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विशेषज्ञ इस बात से हैरान हैं कि ईरान का सबसे ताकतवर शख्स अपने ही देश में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। वहीं, ईरान की सरकारी मीडिया ने इस पूरे मामले पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, जिससे आम जनता के बीच भ्रम और डर का माहौल बन गया है।
अब दुनिया भर की निगाहें ईरान और रूस के अगले आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि मुज्तबा खामेनेई कब तक मॉस्को में रुकते हैं और उनकी गैरमौजूदगी में ईरान की सत्ता और सैन्य रणनीतियों (विशेषकर इजरायल के खिलाफ) को कौन संभाल रहा है। अमेरिका और इजराइल की खुफिया एजेंसियां मॉस्को की गतिविधियों पर सैटेलाइट के माध्यम से पैनी नजर रख रही हैं।
बहरहाल, इस घटना का सबसे बड़ा रणनीतिक पहलू (Geopolitical Angle) यह है कि यह रूस और ईरान के बीच के अटूट सैन्य और राजनीतिक गठजोड़ उजागर करता है। यूक्रेन युद्ध में ईरान की ओर से रूस को ड्रोन देने के बाद, अब पुतिन ने ईरान के सर्वोच्च नेता की जान बचा कर यह कर्ज चुकाया है। अब यह भी साफ हो गया है कि खतरे की स्थिति में ईरानी नेतृत्व का सबसे बड़ा और भरोसेमंद 'सुरक्षा कवच' मॉस्को ही है।
Updated on:
16 Mar 2026 08:12 pm
Published on:
16 Mar 2026 08:10 pm
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