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दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड पर हमला, इजरायल ने साउथ पार्स को बनाया निशाना, अहम ऊर्जा ठिकानों को नुकसान

Iran US Israel War Update: ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर इजरायल के हमले से बढ़ा तनाव, दुनिया के सबसे बड़े गैस भंडार पर असर.... वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है प्रभाव।

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 06, 2026

Iran US Israel War Update

Iran US Israel War Update

Iran US Israel War Update: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर बड़ा हमला किया है। यह दुनिया का सबसे बड़ा प्राकृतिक गैस भंडार है और ईरान की ऊर्जा व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। इस हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

क्या है साउथ पार्स गैस फील्ड?

साउथ पार्स गैस फील्ड फारस की खाड़ी के नीचे स्थित है और इसे दुनिया का सबसे बड़ा गैस भंडार माना जाता है। यह ईरान और कतर के बीच साझा है। ईरान इसे घरेलू ऊर्जा जरूरतों के लिए इस्तेमाल करता है, जबकि कतर इसी क्षेत्र (नॉर्थ फील्ड) से एलएनजी का बड़े पैमाने पर निर्यात करता है।

हमले में क्या हुआ नुकसान?

ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले में गैस फील्ड से जुड़े अहम ऊर्जा ठिकानों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि नुकसान का पूरा आकलन अभी सामने नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि इससे गैस उत्पादन और आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

इजरायल का क्या कहना है?

इजरायल के रक्षा मंत्री ने इस हमले को रणनीतिक कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि इस कदम का मकसद ईरान के राजस्व और ऊर्जा ढांचे को कमजोर करना है, ताकि उसकी सैन्य क्षमता पर भी असर पड़े।

ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच बढ़ा तनाव

यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए डेडलाइन दी हुई है। अमेरिका ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने ऐसा नहीं किया तो उसके पावर प्लांट्स और अन्य अहम ढांचों को निशाना बनाया जा सकता है।

सीजफायर की कोशिशें जारी

इस बीच, मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की जैसे देश 45 दिन के अस्थायी युद्धविराम की कोशिश में लगे हुए हैं। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह दबाव में किसी समझौते को स्वीकार नहीं करेगा।

वैश्विक असर की आशंका

साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो तेल और गैस की कीमतों में और उछाल आ सकता है, जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल, यह हमला सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ा संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।