
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग। (फोटो- ANI)
अमेरिका-इजराइल ने ईरान युद्ध के जरिए चीन को गंभीर संकट में डाल दिया है। ईरान युद्ध के कारण चीन में अब महंगाई बढ़ सकती है।
यूरोप स्थित मॉडर्न डिप्लोमेसी की रिपोर्ट का दावा है कि ईरान युद्ध के चलते बढ़ती वैश्विक ऊर्जा कीमतों से चीन डिफ्लेशन (मंदी जैसी स्थिति) से तो बाहर निकल सकता है, लेकिन 'लागत-आधारित महंगाई' की एक खतरनाक स्थिति में पहुंच सकता है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से चीन में उत्पादन लागत बढ़ रही है, जबकि घरेलू मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है। ऐसे में कंपनियां कीमतें ज्यादा बढ़ा नहीं पा रही हैं।
रिपोर्ट की मानें तो ऊर्जा और कच्चे माल की बढ़ती लागत कंपनियों के मुनाफे को और कम करेगी। बताया जा रहा है कि कंपनियां इन बढ़ी हुई लागतों को ग्राहकों पर डालने के बजाय खुद ही सहन करेंगी। इससे वेतन और नई भर्तियों पर असर पड़ सकता है।
चीन का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पहले से ही कम मुनाफे पर काम कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग एक-चौथाई कंपनियां घाटे में चल रही हैं, जिसका कारण ज्यादा उत्पादन क्षमता और कड़ी प्रतिस्पर्धा है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि लोगों की आय की वृद्धि धीमी हो गई है। आधे से ज्यादा कर्मचारियों को पिछले साल वेतन वृद्धि नहीं मिली।
कुछ को तो वेतन में कटौती भी झेलनी पड़ी। युवाओं में बेरोजगारी भी ज्यादा है और कई लोग सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद नौकरी नहीं पा रहे हैं।
वेतन रोकने से लोगों का खर्च भी कम हो रहा है, जिससे चीन में मांग कमजोर बनी हुई है। वहीं, कंपनियों के लिए विकास के अवसर भी सीमित हो रहे हैं।
चीन की अर्थव्यवस्था काफी हद तक निर्यात पर निर्भर रही है, लेकिन ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण वैश्विक मांग कम होने से निर्यात पर भी असर पड़ सकता है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं, तो इससे चीन की जीडीपी ग्रोथ पर भी असर पड़ेगा और इसमें गिरावट आ सकती है।
हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों में इंवेस्टमेंट की वजह से चीन को कुछ प्रतिस्पर्धात्मक फायदा मिल सकता है, लेकिन वैश्विक मांग में कमजोरी इन फायदों को कम कर सकती है।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर यह ऊर्जा संकट लंबे समय तक जारी रहा, तो चीन ऐसी स्थिति में फंस सकता है जहां न तो पूरी तरह डिफ्लेशन होगा और न ही स्वस्थ महंगाई, बल्कि धीमी ग्रोथ व बढ़ती लागत का लंबा दौर देखने को मिल सकता है।
Updated on:
21 Mar 2026 09:18 pm
Published on:
21 Mar 2026 09:18 pm
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