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युद्ध विराम के बावजूद इजरायल ने दक्षिण लेबनान में किए हमले, IDF ने बताया कारण

Ceasefire violation: सीजफायर लागू होने के बावजूद इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले किए। जानें क्या है पूरा मामला।

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IDF

इजरायल डिफेंस फोर्सेस (Photo/X@IDF)

IDF Airstrikes: इजरायल रक्षा बलों ने शुक्रवार को घोषित युद्धविराम के बावजूद दक्षिणी लेबनान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाते हुए एयर स्ट्राइक किया। इजरायली वायु सेना ने सोशल मीडिया पोस्ट 'X' पर लिखा, 'वायु सेना ने दक्षिणी लेबनान के खिरबेट सलाम और तुलिन क्षेत्रों में सैन्य ढांचों पर हमला किया, जिनका इस्तेमाल हिजबुल्लाह आतंकवादी संगठन द्वारा आईडीएफ बलों और इजरायल राज्य के खिलाफ आतंकवादी साजिशों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा रहा था।' एक अन्य पोस्ट में कहा गया, 'ये हमले हिजबुल्लाह आतंकी संगठन द्वारा कल रात श्लोमी इलाके की ओर दागे गए रॉकेट हमलों के जवाब में किए गए थे।'

बता दें कि यह घटनाक्रम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के बावजूद सामने आया है कि दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद इजरायल और लेबनान तीन सप्ताह के लिए युद्धविराम बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?

स्थानीय समयानुसार गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हमारी लेबनान और इजरायल के उच्च अधिकारियों के साथ एक शानदार बैठक हुई, और मुझे लगता है कि लेबनान के राष्ट्रपति और इजरायल के प्रधानमंत्री अगले कुछ हफ्तों में यहां आएंगे।"

उन्होंने कहा, 'वे तीन सप्ताह के लिए गोलीबारी न करने, युद्धविराम, कोई और गोलीबारी न करने पर सहमत हो गए हैं। देखते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ऐसा होगा। उनके बीच ऐसा होने की संभावना नहीं है, लेकिन हमें हिजबुल्लाह के बारे में भी सोचना होगा।'

चीन ने डोनाल्ड ट्रंप के दावे को किया खारिज

चीन ने शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि अमेरिकी सेना द्वारा रोके गए ईरानी ध्वज वाले मालवाहक जहाज को 'चीन का उपहार' बताया और कहा कि यह आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं है।

अल जज़ीरा के अनुसार, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि इस आरोप में सबूतों का अभाव है। उन्होंने पत्रकारों से यह भी कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में बाधा नहीं आनी चाहिए।