
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (इमेज सोर्स: ANI)
Israel public opinion on Iran War: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद मध्य-पूर्व में तनाव बरकरार है। इसके चलते कई देशों को ऊर्जा संकट से जूझना पड़ रहा है। इस जंग का असर इतना गहरा है कि कई देशों की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में कई देशों की तरफ से जंग खत्म कर कूटनीतिक तरीके से मसले के हल की मांग की जाने लगी है। वही, कुछ ऐसा ही हाल इजरायल में देखने को मिल रहा है। इजरायल में ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर जनता का रुख अब धीरे-धीरे बदल रहा है।
एक ताजा सर्वे के मुताबिक, लोग अब पहले जितना उत्साह नहीं दिखा रहे हैं और युद्ध को लंबे समय तक जारी रखने के समर्थन में कमी आई है। यह सर्वे तेल अवीव विश्वविद्यालय से जुड़े थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज ने किया है। सर्वे बताती है कि युद्ध के शुरुआती दिनों में लोगों को ज्यादा भरोसा था कि ईरान को भारी नुकसान होगा, लेकिन अब यह भरोसा काफी कम हो गया है।
शुरुआत में करीब 69% लोगों को लगता था कि ईरानी शासन को बड़ा झटका लगेगा, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर लगभग 43.5% रह गया है। इसी तरह, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नुकसान पहुंचने की उम्मीद भी 62.5% से घटकर 48% रह गई है। मिसाइल क्षमता को नुकसान होने को लेकर भरोसा भी 73% से गिरकर 58.5% पर आ गया है।
सबसे अहम बात यह है कि ईरानी शासन को हटाने तक युद्ध जारी रखने के समर्थन में भी गिरावट आई है। पहले जहां 63% लोग इसके पक्ष में थे, अब यह संख्या घटकर 45.5% रह गई है। उत्तरी मोर्चे को लेकर भी लोगों की राय एक जैसी नहीं है। खासकर हिज़्बुल्लाह को पूरी तरह कमजोर करने के सवाल पर जनता बंटी हुई नजर आ रही है।
हालांकि, इजरायली रक्षा बल (आईडीएफ) पर लोगों का भरोसा अब भी मजबूत है। 77% लोग सेना पर विश्वास जताते हैं, लेकिन सरकार पर भरोसा काफी कम, जो कि सिर्फ 30% रह गया है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 63% यहूदी नागरिक मानते हैं कि सेना प्रमुख की चेतावनी सही है। अगर नए सैनिकों की भर्ती नहीं की गई, तो कई मोर्चों पर चल रहे अभियान सेना पर भारी दबाव डाल सकते हैं और उसे अंदर से कमजोर कर सकते हैं।
Updated on:
04 Apr 2026 12:00 am
Published on:
03 Apr 2026 11:56 pm
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