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Patrika Explain: ट्रंप के फैसले से नेतन्याहू नाराज, बातचीत के अंतिम समय में इजरायल की एंट्री, क्या है सीजफायर की पूरी इनसाइड स्टोरी?

Announcement of a Ceasefire Between Israel, US and Iran: पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिन के सीजफायर का ऐलान हो गया है। WSJ की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप के फैसले से नेतन्याहू नाराज थे। क्या है सीजफायर की इनसाइट स्टोरी

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इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- ANI)

Israel-Iran War: बुधवार की सुबह इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान हो गया है। अब खबर सामने आ रही है कि इजरायल, अमेरिका के ईरान के साथ युद्धविराम के समझौतों के तरीकों से नाराज है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल को इस संघर्षविराम की बातचीत में अंतिम समय में शामिल किया गया था।

नेतन्याहू ने ट्रंप के कदम का समर्थन किया

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सार्वजनिक रूप से इस कदम का समर्थन किया, लेकिन उन्होंने इसके दायरे पर स्पष्ट सीमाएं भी तय कीं। अमेरिकी अखबार ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया है कि इजरायली अधिकारी सीजफायर को लेकर हो रही बातचीत के बारे में बारे में देर से सूचना मिलने, सलाह-मशवरा नहीं करने और समझौते के कुछ शर्तों से नाराज थे। WSJ की रिपोर्ट के अनुसार सीजफायर के ऐलान से ठीक पहले ट्रंप और नेतन्याहू के बीच सिर्फ एकबार बातचीत हुई।

14 का युद्धविराम घोषित

संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने बुधवार को दो सप्ताह का युद्धविराम घोषित किया, साथ ही संघर्ष समाप्त करने के लिए वार्ता की योजना बनाई। समझौते के तहत ईरान ने हार्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति जताई, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति स्थिर हो सकती है।

सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं

सीजफायर समझौते के ऐलान के बाद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा कि हम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले का समर्थन करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इजरायल अगले 14 दिनों तक ईरान पर कोई हमला नहीं नहीं करेगा, बर्शते ईरान तुरंत जलडमरूमध्य खोले और अमेरिका, इजरायल व क्षेत्र के अन्य देशों पर सभी हमले रोक दे। हालांकि, उन्होंने अपने बयान में कहा कि इस सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं होगा। इजरायली सेना हिज्बुल्लाह पर हमले जारी रखेगी। WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली अधिकारी लेबनान को एक अलग मोर्चा मानते हैं।

युद्धविराम अस्थायी है और संघर्ष का अंत नहीं

उधर, देश की जनता को संबोधित करते हुए नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि यह युद्धविराम अस्थायी है और संघर्ष का अंत नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट कर दूं कि हमारे अभी भी लक्ष्य पूरे करने बाकी हैं और हम उन्हें हासिल करेंगे। चाहे समझौते से या फिर लड़ाई को फिर से शुरू करके। हम किसी भी जरूरी पल में लड़ाई में लौटने के लिए तैयार हैं। हमारी उंगली ट्रिगर पर है। यह अभियान का अंत नहीं, बल्कि हमारे सभी उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान इस विराम में घायल और पहले से कहीं कमजोर होकर प्रवेश कर रहा है।