
आतंकी मसूद अजहर के पीछे हटते ही बिखरा जैश
Jaish Internal Rift: जैश-ए-मोहम्मद JeM के भीतर इस समय भारी संकट और घमासान की स्थिति बनी हुई है। भारतीय खुफिया सूत्रों और रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, आतंकी संगठन का मुखिया मसूद अजहर गंभीर रूप से बीमार होने या लगातार छिपने के कारण पूरी तरह से मुख्यधारा से गायब हो चुका है, जिसके चलते संगठन के जमीनी स्तर के कैडरों में असंतोष बढ़ रहा है। इसके साथ ही, पाकिस्तान के भीतर पिछले कुछ समय में जैश और अन्य आतंकी संगठनों के शीर्ष कमांडरों की लगातार हो रही रहस्यमयी हत्याओं ने संगठन की कमर तोड़ दी है।
जैश-ए-मोहम्मद के भीतर मुश्किलें बढ़ रही हैं। 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से ही यह संगठन फिर से संगठित होने के लिए संघर्ष कर रहा है और तब से इसे कई संकटों का सामना करना पड़ा है। हालांकि इसके जमीनी कैडरों को ऑपरेशनों के लिए तैयार कर लिया गया है और वे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में लॉन्चपैड पर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन संगठन का शीर्ष और दूसरा स्तर (second-rung) पूरी तरह से बिखराव और अव्यवस्था से जूझ रहा है।
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के एक अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) पर पूरा नियंत्रण कर लिया है। ISI ही इन दोनों संगठनों के साथ-साथ हिजबुल मुजाहिदीन की गतिविधियों को भी निर्देशित कर रही है। ISI ने इन तीनों समूहों को एकजुट रहने और जम्मू-कश्मीर में एक साझा मोर्चे पर लड़ने का निर्देश दिया है।
हाल के वर्षों में जैश के कई सदस्यों को अज्ञात बंदूकधारियों ने मार गिराया है। मारे गए लोगों में से कई संगठन में अहम पदों पर थे, और उनकी मौत से नेतृत्व का संकट और गहरा गया है। 2020 के बाद से, जैश और लश्कर से जुड़े कम से कम 30 सदस्यों को अज्ञात बंदूकधारियों ने मार डाला है।
हाल ही में लाहौर में रहने वाले जैश के ऑपरेशनल कमांडर मुहम्मद आसिम की मौत ने संगठन के भीतर दरार को और बढ़ा दिया है। एक भारी ट्रेलर के पीछे से उनकी गाड़ी को टक्कर मार देने के कारण, आसिम के साथ-साथ उनकी पत्नी हुमा आसिम और बेटे तलहा आसिम की भी मौत हो गई।
जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कई सदस्यों और उनके परिवार के बचे हुए लोगों को इस घटना में कोई साजिश होने का शक है। कुछ लोग तो इसे संगठन के भीतर ही की गई हत्या (इंटरनल हिट जॉब) मान रहे हैं, जो शायद पैसों के लेन-देन की वजह से अंजाम दी गई हो। जब से ये रहस्यमयी मौतें होनी शुरू हुई हैं, संगठन के भीतर दरारें साफ दिखने लगी हैं। कई लोगों ने नेतृत्व की वफादारी पर सवाल उठाए हैं, और कुछ का तो यह भी कहना है कि ये संगठन के भीतर ही की गई हत्याएं हो सकती हैं।
Updated on:
17 Oct 2026 06:23 pm
Published on:
17 Oct 2026 06:04 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
