
Kash Patel
Indian-American Kash Patel: भारत के गुजरात मूल के हाईप्रोफाइल भारतवंशी काश पटेल (Kash Patel) का नाम हाल ही में सुर्खियों में आया है, जब उन्होंने एफबीआई (Federal Bureau of Investigation) के डायरेक्टर पद के लिए शपथ ली। वे एक प्रमुख इंडो अमेरिकन सरकारी अधिकारी हैं, उनका नाम इस कारण चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने गीता पर हाथ रखकर एफबीआई डायरेक्टर (FBI Director) पद की शपथ ली। अमेरिकी सीनेट की ओर से क्रिस्टोफर रे के स्थान पर नौवें FBI निदेशक के रूप में पुष्टि करने के बाद अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी ने उन्हेंआइजनहावर कार्यकारी कार्यालय भवन में शपथ दिलाई । इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने काश पटेल के लिए अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया और उन्हें "कठोर, मजबूत" व्यक्ति बताया।
उन्होंने कहा, "मैं अमेरिकी सपना जी रहा हूं, और जो कोई भी सोचता है कि अमेरिकी सपना मर चुका है, वह यहीं देख ले। आप पहली पीढ़ी के भारतीय से बात कर रहे हैं जो पृथ्वी पर सबसे महान राष्ट्र की कानून प्रवर्तन एजेंसी का नेतृत्व करने वाला है। ऐसा कहीं और नहीं हो सकता।" उन्होंने FBI के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए भी दृढ़ प्रतिबद्धता जताई। पटेल ने कहा, "मैं वादा करता हूं कि FBI के भीतर और बाहर जवाबदेही होगी।"
पटेल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और एफबीआई में जनता का विश्वास बहाल करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया। जबकि नामांकन को अलास्का की रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की और मेन की सुसान कोलिन्स के विरोध का सामना करना पड़ा, पटेल को सीनेट अल्पसंख्यक नेता मिच मैककोनेल सहित रिपब्लिकन पार्टी के बाकी लोगों से समर्थन मिला, जिन्होंने पहले ट्रंप के अन्य उम्मीदवारों का विरोध किया था। पुष्टिकरण 51-49 वोट से पारित हुआ, क्योंकि सभी सीनेट डेमोक्रेट ने उनके खिलाफ मतदान किया। अंत में, सीनेट द्वारा 51-49 वोट से पटेल के नामांकन की पुष्टि हुई, जिसमें डेमोक्रेट्स ने विरोध किया। यह घटना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पार्टी लाइन के भीतर मत विभाजन और उम्मीदवार के समर्थन/विरोध को प्रदर्शित करता है।
एफबीआई (Federal Bureau of Investigation) अमेरिका की प्रमुख कानून-व्यवस्था एजेंसी है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और अपराध की जांच करना है। एफबीआई का मुख्य कार्य संघीय (federal) अपराधों की जांच करना और उन पर कार्यवाही करना होता है। यह आतंकवाद, साइबर अपराध, मनी लॉन्ड्रिंग, भ्रष्टाचार और अन्य जटिल अपराधों से निपटता है। इसके अलावा, यह जासूसी, आतंकवाद-रोधी कार्यों, और राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
एफबीआई का काम कई प्रकार की जांचों और सुरक्षात्मक उपायों के माध्यम से होता है। इसके मुख्य कार्यों में शामिल हैं:
सुरक्षा और खुफिया जानकारी एकत्र करना: एफबीआई खुफिया जानकारी इकट्ठा करता है, ताकि किसी भी संभावित खतरों को समय रहते रोका जा सके।
संपूर्ण जांच: एफबीआई अपराधों की जांच करता है और अपराधियों को पकड़ने के लिए साक्ष्य एकत्र करता है।
सुरक्षा बनाए रखना: एफबीआई का एक प्रमुख कार्य राष्ट्रीय सुरक्षा बनाए रखना और यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका की सुरक्षा पर कोई खतरा न आए।
एफबीआई का मुख्य उद्देश्य अमेरिका के संघीय अपराधों की जांच और समाधान करना होता है। इसके अलावा, एफबीआई का रोल यह भी है कि वह सरकारी अधिकारियों की भ्रष्टाचार से सुरक्षा करे और यह तय करे कि अमेरिका की कैसे सुरक्षा की जाए। एफबीआई न केवल अपराधों के खिलाफ काम करता है, बल्कि खुफिया जानकारी के माध्यम से देश की सुरक्षा बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है।
एफबीआई के पास कई अधिकार होते हैं जो उन्हें अमेरिकी कानून में निहित हैं। इनमें प्रमुख हैं:
अनुसंधान और तलाशी की अनुमति: एफबीआई को संघीय अपराधों की जांच के लिए सरकारी एजेंसियों से तलाशी व अन्य अनुमति मिलती है।
अपराधियों को पकड़ने का अधिकार: एफबीआई को संघीय अपराधियों को पकड़ने और उन्हें अदालत में लाने का अधिकार होता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में हस्तक्षेप: एफबीआई को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखने का अधिकार होता है।
एफबीआई के पास कई शक्तियां होती हैं, जिनका उपयोग वह अपराधों की जांच और राष्ट्रीय सुरक्षा को बनाए रखने में करता है। इनमें कुछ प्रमुख शक्तियां शामिल हैं:
सुरक्षा निगरानी: एफबीआई को संवेदनशील जगहों और घटनाओं पर निगरानी रखने का अधिकार होता है।
जांच में सहयोग: एफबीआई विभिन्न संघीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर जांच करता है।
साक्ष्य जुटाना: एफबीआई को साक्ष्य इकट्ठा करने के लिए कानून की ओर से अनुमोदित तरीके से तलाशी लेने की अनुमति होती है।
एफबीआई अमेरिका की एक शक्तिशाली और महत्वपूर्ण एजेंसी है, जिसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा और अपराध की जांच करना है। काश पटेल जैसी प्रमुख शख्सियतें इस एजेंसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और सुरक्षा क्षेत्र में अपना योगदान देती हैं।
काश पटेल का असल नाम कश्यप प्रमोद विनोद पटेल है,वे 25 फरवरी 1980 को न्यूयॉर्क में गुजराती हिंदू आप्रवासी माता-पिता के घर पैदा हुए। उनके माता-पिता 1970 के दशक में युगांडा से कनाडा गए थे और बाद में अमेरिका में बस गए थे। वे पेशे से वकील, पूर्व संघीय अभियोजक और अधिकारी और कन्सपिरेसी थ्योरिस्ट हैं। उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधिकारी, अमेरिकी रक्षा सचिव के कार्यवाहक प्रमुख और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के कार्यवाहक सलाहकार के रूप में काम किया था।
पटेल ने 2016 के चुनावों में रूस की दखलअंदाजी और ट्रंप के खिलाफ रिपब्लिकन पार्टी की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने सन 2018 में न्यून्स मेमो को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें यह आरोप लगाया गया था कि एफबीआई ने ट्रंप के 2016 अभियान के एक सहायक के खिलाफ निगरानी वारंट लेने के लिए आवेदन में हेराफेरी की थी। इस दौरान, वे ट्रंप के समर्थकों के बीच 'हीरो' के रूप में उभरे थे। आरोप लगा था कि पटेल ने यूक्रेन नीति पर ट्रंप के लिए एक बैक चैनल के रूप में काम किया था। काश पटेल ट्रंप के भारत दौरे के दौरान उनके साथ थे और मीडिया में उन्हें दो भारतीय अमेरिकियों में से एक के रूप में रिपोर्ट किया था।
Updated on:
22 Feb 2025 02:00 pm
Published on:
22 Feb 2025 12:46 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
