
PoK में हड़ताल
PoK (पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर) में कश्मीरियों के पाकिस्तानी फौज से भिड़ने के बाद अब पाकिस्तान (Pakistan) इन कश्मीरियों से डर गया है। पाकिस्तान को ये लगने लगा है कि कहीं अब ये कश्मीर उनके हाथ से ना निकल जाए। इसे लेकर ही पाकिस्तान के शीर्ष सियासतदान अब इन हालातों को अपने हाथ में लेने के लिए लगे हुए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) ने हाईलेवल मीटिंग बुलाई है। इससे पहले पीएम शरीफ ने बीते रविवार को भी PoK के प्रधानमंत्री से बात की थी और क्षेत्र में पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन के पदाधिकारियों को शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए एक्शन कमेटी के नेताओं के साथ जुड़ने का निर्देश दिया था।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने तब कहा था कि वो इसके बारे में बेहद चिंता में है। ये कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा कि कोई कानून को अपने हाथ में ले और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए। शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "एजेके की स्थिति के बारे में बहुत चिंतित हूं। दुर्भाग्य से, अराजकता और असंतोष की स्थितियों में हमेशा कुछ लोग होते हैं जो राजनीतिक लाभ लेने के लिए दौड़ पड़ते हैं।"
बता दें कि बीते रविवार को POK की राजधानी मुजफ्फराबाद में पाकिस्तानी फौज और कश्मीरियों के बीच टकराव हुआ। इस पूरे प्रदर्शन के दौरान बाजार दुकानें तक बंद रहीं। तोड़-फोड़ भी की गई। जिसमें कई घरों और दुकानों को नुकसान पहुंचा है। लोगों ने पाकिस्तान की शहबाज सरकार (Shehbaz Sharif) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस टकराव में एक पुलिस अधिकारी की मौत भी हो गई थी और करीब 100 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
बता दें कि पाकिस्तान की सरकार ने POK में बिजली बिल पर एक अतिरिक्त टैक्स लगाया है JKJAAC ने इसी टैक्स का विरोध किया है और कहा कि पीओके की बिजली पाकिस्तान के लोगों को मिलती है। ऐसे में पीओके में बिजली पर टैक्स नहीं लगाना चाहिए। लेकिन कमेटी की बात सरकार ने नहीं मानी इसलिए कमेटी बीते महीने घोषणा की थी 11 मई को POK में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
Updated on:
13 May 2024 10:38 am
Published on:
13 May 2024 10:37 am
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
