2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ओली को हटाने के बाद सामने आया नेपाल के Gen-Z का एजेंडा, कहा बनाएंगे पार्टी, लड़ेंगे चुनाव, पर रखी ये शर्तें

नेपाल के युवाओं का एजेंडा सामने आ गया है। वह भी बांग्लादेश के युवाओं की तर्ज पर चुनाव में कदम रखने का ऐलान किया है, लेकिन इससे पहले उन्होंने कुछ प्रमुख मांगें भी रखी हैं। पढ़ें पूरी खबर...

2 min read
Google source verification

नेपाल में युवाओं का प्रदर्शन (Photo: IANS)

नेपाल (Nepal) में केपी शर्मा ओली (KP sharma oli) की सरकार का तख्तापलट करने के बाद शनिवार, 18 अक्टूबर को Gen-Z समहू ने राजनीतिक पार्टी बनाने की घोषणा की। युवाओं के समूह ने कहा कि अगले साल मार्च में होने वाले आम चुनाव में उनकी भागीदारी कुछ बुनियादी शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगी। नेपाल में 5 मार्च 2026 को आम चुनाव होना है।

ये है जेन जेड का एजेंडा

जेन जेड समूह के नेता मिराज धुंगाना ने कहा कि वे Gen-Z युवाओं को एकजुट करने के लिए एक राजनीतिक दल बनाने पर विचार कर रहे हैं, लेकिन जब तक उनकी मूलभूत मांगों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक वे चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम प्रत्यक्ष रूप से निर्वाचित कार्यकारी प्रणाली और विदेशों में रहने वाले नेपाली नागरिकों के लिए मताधिकार की मांग कर रहे हैं। धुंगाना ने कहा कि जेन-जेड आंदोलन से जुड़े युवाओं को एकजुट करने के लिए एक राजनीतिक दल का गठन आवश्यक है। उन्होंने कहा कि देश में भ्रष्टाचार नियंत्रण के लिए एक नागरिक नेतृत्व वाली जांच समिति के गठन और आर्थिक परिवर्तन पर एक स्पष्ट नीति अपनाने पर जोर दिया है। हम सुशासन को बढ़ावा देने, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने जैसे मुद्दों के लिए लड़ते रहेंगे. हम जेन-ज़ी युवाओं के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे।

जेन-जेड ने ओली सरकार को उखाड़ फेंका

नेपाल में जेन-जेड के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन ने केपी शर्मा ओली की सरकार को उखाड़ फेंका। सितंबर 2024 में सोशल मीडिया प्रतिबंध के बाद भड़के हिंसक प्रदर्शनों में 22 लोगों की मौत और 300 से अधिक घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन और ओली के आवास को आग लगाई। 9 सितंबर को केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा दिया और 12 सितंबर को राष्ट्रपति राम चंद्र पेडौल ने संसद भंग की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया है।