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नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह की संपत्ति का खुलासा, सोशल मीडिया से हो रही तगड़ी कमाई

Balen Shah income: नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने अपने संपत्ति विवरण में सोशल मीडिया को आय का प्रमुख स्रोत बताया है। फेसबुक, यूट्यूब और टिकटॉक से हो रही करोड़ों की कमाई ने नेपाल की तेजी से बढ़ती क्रिएटर इकोनॉमी को नई पहचान दी है।

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Balen Shah

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेश शाह (Photo- IANS)

Nepal Prime Minister Balen Shah: नेपाल की राजनीति और अर्थव्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अपने अनिवार्य संपत्ति विवरण में खुलासा किया है कि उनकी आय का प्राथमिक स्रोत फेसबुक, यूट्यूब और टिकटॉक जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म हैं। पीएम बालेन ने 1.46 करोड़ रुपए की नकदी के साथ-साथ अपने 46 लाख फेसबुक फॉलोअर्स और 13 लाख यूट्यूब सब्सक्राइबर्स को अपनी संपत्ति का आधार बताया है।

पीएम के स्तर से इस आधिकारिक स्वीकारोक्ति ने नेपाल में तेजी से बढ़ती 'क्रिएटर इकोनॉमी' पर मुहर लगा दी है। और यह सिर्फ बालेन शाह का मामला नहीं है। नेपाल में हजारों युवा अपने घरों से विदेशी मुद्रा कमा रहे हैं। 'प्रोजेक्ट कुरा' और 'द नेपाली कमेंट' जैसे चैनल प्रतिमाह 3 से 5 लाख रुपए तक कमा रहे हैं, जो एक सीनियर कॉर्पोरेट सैलरी से कहीं अधिक है।

बालेन की डिजिटल आय के स्रोत

यूट्यूब : कुल डिजिटल आय का 67% हिस्सा।
मेटा (फेसबुक/इंस्टाग्राम): 12.21% की हिस्सेदारी।
फिल्म/एनीमेशन: 6.33%
टिकटॉक और अन्य: शेष 14.10%

साल के आठ महीनों में ही कमाए 2.90 अरब रुपए

नेपाल राष्ट्र बैंक के आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में नेपाली क्रिएटर्स ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से 3.53 अरब नेपाली रुपए की कमाई की। मौजूदा वित्तीय वर्ष के शुरुआती आठ महीनों में ही यह आंकड़ा 2.90 अरब रुपए तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि (2.24 अरब) के मुकाबले कहीं अधिक है।

भारत और नेपाल के रिश्तों में तनाव

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के रुख से भारत और नेपाल के रिश्तों में तनाव देखा जा रहा है। इसके चलते भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री की प्रस्तावित नेपाल यात्रा फिलहाल टाल दी गई थी।

मिस्री 11 मई को दो दिवसीय दौरे पर काठमांडू जाने वाले थे, जहां उन्हें नेपाली प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण सौंपना था। हालांकि, अंतिम समय में इस यात्रा को स्थगित कर दिया गया। नेपाल सरकार ने भी इसकी पुष्टि की थी।

इस घटनाक्रम को भारत-नेपाल संबंधों में हाल में बढ़ी तल्खी से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि लिपुलेख मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू किए जाने को लेकर दोनों देशों के बीच पैदा हुए मतभेदों का असर कूटनीतिक स्तर पर भी दिखाई दे रहा है।