
Russian Soldiers
24 फरवरी 2022 को शुरू हुए रूस (Russia) और यूक्रेन (Ukraine) के बीच युद्ध को करीब 9 महीने पूरे हो चुके हैं। इस युद्ध की वजह से बड़ी तादाद में लोग मारे गए और घायल हुए हैं। साथ ही बड़ी तादाद में लोगों को यूक्रेन छोड़कर भी जाना पड़ा। भीषण तबाही के बावजूद रूस पीछे नहीं हटा। हालांकि यूक्रेन ने बहादुरी से रूस का सामना किया, जिससे रूस की सेना के हौंसले भी कमज़ोर हो गए हैं। अब हाल ही में इस युद्ध में एक बड़ा अपडेट आया है।
नए रुसी सैनिकों को भेजने की चर्चा हुई बंद
हाल ही में आई जानकारी के अनुसार क्रेमलिन इस युद्ध में नए सैनिकों को भेजने का विचार नहीं कर रहा है। इस बारे में क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया, "मैं रक्षा विभाग के बारे में नहीं कह सकता, पर क्रेमलिन में नए सैनिकों को इस युद्ध में भेजने की चर्चा बंद हो चुकी है।"
यह इस युद्ध में निश्चित रूप से एक बड़ा अपडेट है।
सितंबर में शुरू किया था यह मिशन
यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध में मुश्किल हालत पैदा होने पर रूस की तरफ से इसी सितंबर में एक नया मिशन शुरू किया गया था। इसके तहत रिज़र्व के तौर पर रखे गए 3,00,000 लोगों को युद्ध के लिए भेजा गया। इसी को देखते हुए बड़ी संख्या में लोग रूस छोड़कर भागने लगे, क्योंकि उन्हें डर था कि उन्हें भी युद्ध के लिए भेजा जा सकता है। रूस के इस फैसले पर पूरे देश में रुसी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किए गए। हालांकि इसके बावजूद रूस को कुछ बड़ी सफलता नहीं मिली और उनकी सेना को यूक्रेन के मुख्य शहरों को छोड़कर जाना पड़ा।
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क्या रूस का हौंसला हो रहा है कमज़ोर?
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि उन्होंने अक्टूबर के अंत में इस मिशन को बंद कर दिया था, पर इस फैसले को वापस लेने के लिए कोई क़ानूनी ड्राफ्ट तैयार नहीं किया गया। पर अब क्रेमलिन के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि रूस का हौंसला अब धीरे-धीरे कमज़ोर पड़ता जा रहा है।
Published on:
21 Nov 2022 05:37 pm
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