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ईरान को बड़ा झटका, मक्का पर हमले की कोशिश के बाद सऊदी अरब ने ओमान से मिलाया हाथ तो गिर गया तेल का रेट

Iran War Latest Update: ईरान को बड़ा झटका लगा है। मक्का पर हमले की कोशिश के बाद सऊदी अरब ने ओमान से हाथ मिला लिया है।
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भारत

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Mukul Kumar

Sep 17, 2026

Iran President India Visit news

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन। (फोटो-ANI)

Saudi Arabia Oman Deal: तेल बाजार में गुरुवार सुबह से ही हलचल मची हुई है। कच्चे तेल के भाव तेजी से नीचे आ गए हैं। ब्रेंट क्रूड 1.24 डॉलर यानी 1.2 प्रतिशत गिरकर 104.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।

अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई भी 1.14 डॉलर यानी 1.1 प्रतिशत कम होकर 101.29 डॉलर पर पहुंच गया है। बुधवार को दोनों में करीब तीन डॉलर की गिरावट पहले ही हो चुकी थी।

ईरान-ओमान दोनों का हॉर्मुज पर दावा

बता दें कि सऊदी अरब में मक्का पर हमले की कोशिश के बाद मिडिल ईस्ट में सप्लाई को लेकर जो डर फैला था, वह अब कम होता दिख रहा है। सऊदी अरब ने अब ओमान के साथ डील कर ली है।

नया समझौता एक तरह से ईरान के लिए बड़ा झटका है। दरअसल, ईरान और ओमान दोनों का हॉर्मुज स्ट्रेट पर दावा है। ईरान काफी समय से ओमान के साथ डील करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन किसी वजह से अब तक बात नहीं बन पाई।

ओमान के रास्ते तेल भेजेगा सऊदी अरब

अब सऊदी अरब ने नए समझौते के बाद ओमान के रास्ते अतिरिक्त कच्चा तेल भेजने की पेशकश की है। इस खबर ने बाजार को राहत दी है। लोग सोच रहे थे कि क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल की सप्लाई रुक सकती है। लेकिन अब अतिरिक्त कार्गो की बात सामने आने से कीमतों पर दबाव बन गया है।

मक्का पर बुधवार को ड्रोन से हमले की कोशिश हुई। हालांकि, सऊदी अरब ने हवा में ही उस ड्रोन का मार गिराया। उसका दावा था कि ईरान समर्थित हूतियों ने यह ड्रोन मक्का में भेजा है। बता दें कि ईरान पहले भी सऊदी अरब पर हमले कर चुका है। इस लिहाज से भी ओमान-सऊदी अरब की डील ईरान के लिए बड़ा झटका है।

दुनिया का बड़ा तेल उत्पादक है सऊदी अरब

सऊदी अरब दुनिया का बड़ा तेल उत्पादक देश है। वह अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाकर या अतिरिक्त माल भेजकर बाजार को संतुलित रखने की कोशिश करता रहता है।

ओमान के रास्ते कार्गो भेजने का मतलब है कि सप्लाई चेन में कोई बड़ी रुकावट नहीं आएगी। इससे ट्रेडर्स और निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि, अभी भी कई अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। लेकिन फिलहाल अतिरिक्त तेल की पेशकश ने डर को काफी हद तक कम कर दिया है।

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