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पेशावर मस्जिद ब्लास्टः कौन था उमर खालिद, जिसकी हत्या का बदला लेने के लिए TTP ने 93 लोगों की जान ले ली

Pakistan Peshawar Terror Attack: पाकिस्तान के पेशावर में पुलिस लाइन में स्थित मस्जिद में 30 जनवरी को हुए आत्मघाती बम धमाके में अभी तक 93 लोगों की मौत हो चुकी है। इस धमाके की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान नामक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन ने ली है। संगठन ने इस हमले के जरिए अपने कमांडर उमर खालिद की मौत का बदला लिया। जानिए कौन हैं उमर खालिद।    

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Pakistan Peshawar Mosque Blast, 93 Killed know Who is TTP Commander Umar Khalid

Pakistan Peshawar Terror Attack: पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद में 30 जनवरी को हुए आत्मघाती बम धमाके में अभी तक 93 लोगों की मौत हो चुकी है। इस धमाके में 150 से अधिक घायल हुए। जिनमें से कई की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। मृतकों की संख्या अभी और बढ़ने की आशंका है। क्योंकि धमाके में मस्जिद का एक बड़ा हिस्सा ढह गया था। जिसके मलबे से अभी भी शव निकाले जा रहे हैं। दूसरी ओर इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान ने ली है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का खुंखार आतंकी संगठन है। इससे पहले भी इस आतंकी संगठन ने पाकिस्तान में कई बार बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। संगठन ने इस हमले के जरिए अपने कमांडर उमर खालिद की मौत का बदला लिया। जानिए कौन हैं उमर खालिद। जिसकी एक जान का बदला लेने में टीटीपी ने 93 बेगुनाहों को मौत की नींद सुला दी।


टीटीपी ने बयान जारी कर ली हमले की जिम्मेदारी


प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान से जुड़े मुकर्रम खुरासानी और उसके करीबी सरबकफ ने बयान जारी कर कहा कि इस हमले से हमने मृत कमांडर उमर खालिद की हत्या का बदला ले लिया। उमर खालिद के भाई मुकर्रम खुरासानी ने कहा है कि यह मेरे भाई की गत अगस्‍त में अफगानिस्‍तान में की गई हत्‍या का बदला है।


खैबर पख्तूनख्वा में टीटीपी का दबदबा


पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान का दबदबा है। टीटीपी के आतंकियों ने एक मस्जिद के अंदर बहुत ही भीषण आत्‍मघाती बम हमला किया है। सोमवार को दोपहर की नमाज की दौरान आत्मघाती बम विस्फोट होने से 93 लोगों की मौत हो गई जबकि 150 से अधिक अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में डरवाना माहौल है।


पूर्व पत्रकार और कवि उमर खालिद की हत्या का बदला


मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि पाकिस्‍तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने उमर खालिद खुरासानी की अफगानिस्‍तान के अंदर घुसकर हत्‍या कर दी थी. उमर खालिद पूर्व पत्रकार और कव‍ि भी था। उसने पाकिस्‍तान के कराची शहर के कई मदरसों में पढ़ाई की थी। उमर खालिद का असली नाम अब्‍दुल वली मोहम्‍मद था। उमर खालिद छोटी उम्र में भी आतंकियों के साथ जुड़ गया था।


कई आतंकी वारदातों में शामिल था उमर खालिद खुरासानी


उमर खालिद खुरासानी शुरुआत में पाकिस्तान के इस्लामी जिहादी संगठन हरकत-उल-मुजाहिदीन से जुड़ा था। जो कश्मीर में काफी सक्रिय है। बाद में वह तहरीक-ए-तालिबान में शामिल हो गया था। 2014 में उमर खालिद खुरासानी ने जमात-उल-अहरार नामक संगठन की स्थापना की। जो टीटीपी से जुड़ा एक आतंकी संगठन है। उमर खालिद कई आतंकी वारदातों में वांछित था। लाहौर में ईस्टर के दौरान हुए आतंकी हमले में 70 लोगों की मौत हुई थी। जिसके पीछे उमर खालिद खुरासानी शामिल था।

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सुरक्षा के कई घेरों को पार कर मस्जिद में पहुंचा था हमलावर


पेशावर के पुलिस अधिकारी (सीसीपीओ) मुहम्मद इजाज खान ने कहा कि हमलावर ने उस वक्त खुद को उड़ा लिया जब सैकड़ों लोग नमाज के लिए कतार में खड़े थे। पुलिस को निशाना बनाकर किया गया हमला नमाज के दौरान मस्जिद में हुआ।

मस्जिद पेशावर में एक अत्यधिक किलेबंद परिसर के अंदर स्थित है, जिसमें खैबर-पख्तूनख्वा (के-पी) पुलिस बल का मुख्यालय और आतंकवाद-रोधी विभाग (सीटीडी) कार्यालय शामिल हैं। खान ने कहा, यह एक आत्मघाती हमला था। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि हमलावर रेड जोन परिसर में घुसने के लिए सुरक्षा बलों के कई घेरे को पार कर पहुंचा।


सुरक्षा चूक की जांच के लिए उच्चस्तरीय कमेटी गठित


प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को सौंपी गई प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, विस्फोट स्थल से एकत्र किए गए सबूतों ने पुष्टि की कि विस्फोट एक आत्मघाती हमला था और सुरक्षा चूक की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति भी गठित की गई है। विस्फोट में दर्जनों नमाजी मलबे में फंस गए। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि छत इसलिए गिरी क्योंकि विस्फोट से मस्जिद के खंभे क्षतिग्रस्त हो गए।

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