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लेबनान में सीजफायर के बाद इजराइल ने गाजा पर कर दिया अटैक, ड्रोन से तबाह हुई डिसैलिनेशन फैक्ट्री

गाजा में युद्धविराम के बावजूद इजराइल ने शुजाया इलाके में पानी शुद्धिकरण फैक्ट्री पर ड्रोन हमला कर दिया। हमले में एक फिलिस्तीनी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हुए। फिलिस्तीनी एजेंसी वफा ने यह जानकारी दी।

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भारत

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Mukul Kumar

Apr 17, 2026

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (इमेज सोर्स: ANI)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की दखलंदाजी के बाद लेबनान में सीजफायर लागू हो गया है। लेबनान में युद्धविराम के बाद इजराइल ने गाजा पर अटैक कर दिया है।

इजराइल ने गाजा पर ड्रोन से हमला किया है। इस बार इजराइली ड्रोन ने उस जगह को निशाना बनाया है, जहां से लोगों को पीने का पानी मिलता था।

गाजा सिटी के शुजाया इलाके में एक पानी साफ करने वाली फैक्ट्री पर ड्रोन हमला हुआ जिसमें एक फिलिस्तीनी की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। फिलिस्तीनी न्यूज एजेंसी वफा ने यह जानकारी दी।

खान यूनिस में भी फायरिंग

सिर्फ गाजा सिटी ही नहीं, दक्षिणी गाजा के खान यूनिस में भी इजराइली सैन्य गाड़ियों ने फायरिंग की। वफा के मुताबिक, यह हमला खान यूनिस के दक्षिणी हिस्से में हुआ। यानी गाजा की पट्टी में उत्तर से दक्षिण तक कोई भी कोना अभी महफूज नहीं है।

पानी की किल्लत के बीच यह हमला और भी खतरनाक

गाजा में पहले से ही पानी की भारी किल्लत है। संयुक्त राष्ट्र कई बार यह बात कह चुका है कि गाजा के लोगों को साफ पानी तक नहीं मिल रहा।

ऐसे में जब एक पानी साफ करने वाली फैक्ट्री को ड्रोन से उड़ाया जाता है तो इसका मतलब सिर्फ एक इमारत का नुकसान नहीं होता। इसका मतलब होता है कि उस इलाके के सैकड़ों या हजारों लोगों से पानी का एक और जरिया छिन जाना।

गाजा में हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे

पिछले कई महीनों से गाजा में जो कुछ हो रहा है वो दुनिया देख रही है। हर दिन नई खबरें आती हैं और हर खबर पहले से ज्यादा दर्दनाक होती है।

अस्पताल तबाह हो चुके हैं, स्कूल बर्बाद हो गए हैं और अब बुनियादी जरूरतों पर भी हमले हो रहे हैं। इंसानी मदद पहुंचाने वाली संस्थाएं बार बार कह रही हैं कि गाजा में हालात इंसानी तबाही की हद तक पहुंच गए हैं।

दुनिया देख रही है, पर रुक कुछ नहीं रहा

अमेरिका, यूरोप, अरब देश सब कुछ न कुछ बोल रहे हैं लेकिन जमीन पर हमले थमने का नाम नहीं ले रहे। हर बार जब कोई संघर्षविराम की बात होती है तो कुछ दिन में टूट जाती है। आम फिलिस्तीनी लोग जो इस सबके बीच फंसे हैं उनके लिए हर सुबह एक नई मुसीबत लेकर आती है।