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25 साल पुराना मफलर आज भी संभाल कर रखा, न्यूजीलैंड में अपनों के बीच भावुक हुए पीएम नरेंद्र मोदी

Prime Minister Narendra Modi: प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को न्यूज़ीलैंड में भारतीय समुदाय की तारीफ करते हुए उन्हें दोनों देशों के बीच एक अहम कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि भारत-न्यूज़ीलैंड के रिश्ते अब एक नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं।
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Prime Minister Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM Modi in New Zealand: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूजीलैंड में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कई भावुक किस्से साझा किए। इस दौरान उन्होंने बताया कि 25 साल पहले किसी ने उन्हें उपहार में एक मफलर दिया था, जिसे उन्होंने आज भी संभालकर रखा है। यह बात कहते हुए प्रधानमंत्री भावुक नजर आए।

भारतीय समुदाय के लोगों से संवाद के दौरान पीएम मोदी ने सिख परंपराओं और सिख गुरुओं के संदेश का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब अफगानिस्तान में संकट आया था, तब भारत सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूपों को पूरे सम्मान के साथ भारत लाने का काम किया। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं ने पूरी दुनिया को सेवा, साहस, समानता और करुणा का संदेश दिया है। आज भी दुनिया भर के गुरुद्वारों में निस्वार्थ सेवा की परंपरा जारी है।

40 साल का इंतजार अब नहीं

प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को भरोसा दिलाया कि न्यूजीलैंड में किसी भारतीय प्रधानमंत्री के दौरे के लिए पहले 40 साल इंतजार करना पड़ा, लेकिन अब इतना लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, मोदी की गारंटी है।

पीएम मोदी ने श्री हेमकुंड साहिब का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हिमालय की ऊंचाइयों पर स्थित इस पवित्र तीर्थ तक पहुंचना पहले बेहद कठिन था क्योंकि यह अधिकांश समय बर्फ से ढका रहता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अब वहां रोपवे का निर्माण कराया जा रहा है।

उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने हर साल 26 दिसंबर को 'वीर बाल दिवस' मनाने की शुरुआत की है। यह दिन पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुका है।

300 साल पुरानी निशानी अब पटना साहिब में

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से जुड़ा एक प्रसंग भी साझा किया। उन्होंने बताया कि हरदीप सिंह पुरी के परिवार ने करीब 300 वर्षों तक श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और माता साहिब कौर जी के 'जोड़े साहिब' को सुरक्षित संभालकर रखा। विभाजन के समय उनके पूर्वज इन पवित्र निशानियों को सुरक्षित दिल्ली ले आए थे।

प्रधानमंत्री ने बताया कि परिवार की इच्छा थी कि इन पवित्र निशानियों के दर्शन अधिक से अधिक श्रद्धालु कर सकें। इसके लिए सरकार ने सिख परंपराओं के जानकारों की एक समिति बनाई, जिसने इन्हें गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्मस्थान पटना साहिब में स्थापित करने का निर्णय लिया। पीएम मोदी ने कहा कि वह स्वयं उस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने थे। उन्होंने भारतीय समुदाय से अपील की कि जब भी भारत आएं, पटना साहिब जरूर जाएं और जोड़े साहिब के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करें।

पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सिख समुदाय के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा और आत्मीयता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में रह रहे भारतीयों से मिलना उनके लिए किसी आधिकारिक कार्यक्रम से बढ़कर अपने परिवार से मिलने जैसा अनुभव है।