
मिडिल ईस्ट के महासंग्राम के बीच प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन के बीच फोन पर हुई बड़ी बात।
PM Modi Iran President Call 2026: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान के बीच अहम टेलीफोन बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात, युद्ध और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। इस दौरान ईरान ने जंग रोकने को लेकर अपनी बात रखी और भारत की अध्यक्षता वाले BRICS समूह से भी बड़ी भूमिका निभाने की अपील की है।
राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने बातचीत में कहा कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए जरूरी है कि अमेरिका और इजरायल हमले रोकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसकी गारंटी दी जाए। उन्होंने कहा कि ईरान हमेशा संवाद और कूटनीति के लिए तैयार रहा है और संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर बातचीत के जरिए समाधान का समर्थन करता है।
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान ने युद्ध की शुरुआत नहीं की, बल्कि अमेरिका और इजरायल ने बिना किसी वैध कारण के सैन्य कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन हमलों में आम नागरिकों, सैन्य अधिकारियों और स्कूली बच्चों तक की मौत हुई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पेजेश्कियान ने भारत की अध्यक्षता वाले BRICS समूह का जिक्र करते हुए कहा कि यह मंच क्षेत्रीय और वैश्विक शांति बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने BRICS से अपील की कि वह ईरान के खिलाफ हो रहे हमलों को रोकने और स्थिरता सुनिश्चित करने में स्वतंत्र भूमिका निभाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत में कहा, “जंग किसी के हित में नहीं है और सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांति की दिशा में बढ़ना चाहिए।”
उन्होंने क्षेत्र में ऊर्जा ढांचे पर हमलों की निंदा की और कहा कि इससे वैश्विक खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ सप्लाई चेन पर भी गंभीर असर पड़ सकता है।
पीएम मोदी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और फारस की खाड़ी में जहाजों की निर्बाध आवाजाही पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और इन्हें सुरक्षित रखना जरूरी है।
भारत ने स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता क्षेत्र में शांति बनाए रखना, ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इसी दिशा में भारत लगातार कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय बना हुआ है।
इस बातचीत से संकेत मिलता है कि मौजूदा संकट के बीच कूटनीतिक प्रयास तेज हो सकते हैं। ईरान जहां अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है, वहीं भारत संतुलित भूमिका निभाते हुए शांति, स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दे रहा है।
Updated on:
21 Mar 2026 10:45 pm
Published on:
21 Mar 2026 10:44 pm
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