30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पीएम मोदी ने कहा जलवायु परिवर्तन से कोई देश अछूता नहीं, IRIS की लॉन्चिंग को बताया महत्वपूर्ण

पीएम नरेंद्र मोदी ने 'इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रिसाइलेंट आईलैंड स्टेट्स' के लॉन्च के अवसर पर इसके महत्व के बारे में संबोधित करने के साथ ही यह भी बताया की जलवायु परिवर्तन से कोई भी देश अछूता नहीं रहा है। साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर ध्यान देने पर भी ज़ोर दिया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नई दिल्ली

•

image

Tanay Mishra

•

Updated: 2 Nov 2021, 5:11 PM IST

screenshot_2021-11-02_imgonline-com-ua-resize-ud63ejjg.png

PM Modi speaks at launch of 'Infrastructure for Resilient Island States' initiative

नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय स्कॉटलैंड के ग्लासगो में जलवायु परिवर्तन के विषय पर चल रहे COP26 सम्मेलन में शामिल होने गए है। आज इस सम्मेलन के दुसरे दिन पीएम मोदी ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर संबोधित करते हुए बताया कि दुनिया का कोई भी देश जलवायु परिवर्तन से अछूता नहीं रहा है। पीएम मोदी ने इस मुद्दे को छोटे देशों के साथ- विकसित देशों के लिए भी खतरनाक बताते हुए विकसित देशों को चेताते हुए इस मुद्दे पर ध्यान देने को कहा है। इस अवसर पर 'इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रिसाइलेंट आईलैंड स्टेट्स' भी लॉन्च किया गया'इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रिसाइलेंट आईलैंड स्टेट्स' पीएम मोदी का संबोधन उनके ओफ़फिशिअल ट्विटर अकाउंट पर भी स्ट्रीम किया गया।

यह भी पढ़े - पीएम मोदी और पोप फ्रांसिस की मुलाकात का हो सकता है बीजेपी को फायदा

जलवायु परिवर्तन से सब से ज़्यादा खतरा स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स को

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि जलवायु परिवर्तन से सबसे ज़्यादा खतरा स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स (SIDS) को है। पीएम मोदी ने कहा कि छोटे विकासशील आईलैंड देशों के लिए जलवायु परिवर्तन का मुद्दा जीवन और मृत्यु का मामला है। यह मुद्दा उनके अस्तित्व के लिए एक खतरा और चुनौती है। पीएम मोदी ने आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन की वजह से घटित होने वाली आपदाएं छोटे विकासशील आईलैंड देशों में तबाही ला सकती है। ऐसे में यह मुद्दा इन देशों में जीवन के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।

यह भी पढ़े - पीएम मोदी ने जी-20 सम्मेलन में दिए 3 मंत्र, भारत की ओर से योगदान का भी दिया आश्वासन

'इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रिसाइलेंट आईलैंड स्टेट्स' की लॉन्चिंग को बताया महत्वपूर्ण

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 'इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर रिसाइलेंट आईलैंड स्टेट्स' (IRIS) की लॉन्चिंग पर बधाई देते हुए इसे महत्वपूर्ण बताया। पीएम मोदी ने कहा कि कहा कि IRIS छोटे और कमज़ोर देशों की मदद करने का एक प्रयास है और यह संतोष प्रदान करता है। पीएम मोदी ने इसके लिए कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिस्टेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को बधाई दी। साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया और यूके समेत सभी सहयोगी देशों और खास तौर पर मॉरीशस और जमैका समेत छोटे द्वीप समूहों के नेताओं का स्वागत उन्हें धन्यवाद दिया। पीएम मोदी ने बताया कि IRIS की मदद से स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स को प्रौद्योगिकी, वित्तिय मदद, जरूरी जानकारी तेजी से जुटाने में आसानी होगी। साथ ही इन देशों में बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा को प्रोत्साहन मिलने से वहां जीवन और आजीविका के स्तर में भी सुधार का फायदा मिलेगा।

यह भी पढ़े - "पीएम नरेंद्र मोदी है 24 कैरेट खरा सोना" - राजनाथ सिंह

इसरो के नए प्रोजेक्ट की दी जानकारी

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत की स्पेस एजेंसी इसरो (ISRO) के नए प्रोजेक्ट जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसरो स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स (SIDS) के देशों के लिए एक स्पेशल डेटा विंडो का निर्माण करेगी। इस स्पेशल डेटा विंडो की मदद से स्मॉल आईलैंड डेवलपिंग स्टेट्स के देशों को सैटेलाइट सुविधा की मदद से सायक्लोन, कोरल-रीफ मॉनीटरिंग, कोस्ट-लाइन मॉनीटरिंग आदि खतरों और आपदाओं के बारे में समय रहते जानकारी मिलती रहेगी।

यह भी पढ़े - भ्रम में मत रहिए कि मोदी सत्ता से बाहर हो जाएंगे, बीजेपी आने वाले दशकों तक राजनीति में मज़बूत ताकत बनी रहेगी! - प्रशांत किशोर