
Putin Shehbaz Viral Video
Putin Shehbaz Sharif SCO Summit: SCO शिखर सम्मेलन के मंच पर मंगलवार को नेताओं की मुलाकातों के बीच एक ऐसा दृश्य सामने आया, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। औपचारिक ग्रुप फोटो खत्म होने के बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे ही वहां से आगे बढ़े, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके पास पहुंच गए। कैमरों में कैद इस छोटे से पल में शरीफ ने पुतिन को रोककर बातचीत शुरू की। दूसरी ओर, नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात ने भी सम्मेलन की कूटनीतिक तस्वीर को खास बना दिया।
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में मंगलवार को नेताओं का औपचारिक ग्रुप फोटो कार्यक्रम हुआ। तस्वीर के लिए तमाम राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख एक साथ नजर आए। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंच से आगे बढ़ने लगे, तभी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनकी ओर जाते दिखाई दिए।
वीडियो फुटेज में शरीफ पुतिन का हाथ पकड़कर उन्हें रोकते नजर आए। इसके बाद दोनों नेताओं के बीच कुछ देर बातचीत हुई। यह पूरा घटनाक्रम कैमरों में रिकॉर्ड हो गया और देखते ही देखते सम्मेलन के प्रमुख दृश्यों में शामिल हो गया।
इस मुलाकात की कोई विस्तृत आधिकारिक बातचीत सार्वजनिक नहीं हुई है, इसलिए दोनों नेताओं के बीच हुई चर्चा के विषय को लेकर अटकलों से आगे बढ़ना उचित नहीं होगा। हालांकि, सम्मेलन के दौरान नेताओं के बीच होने वाली ऐसी अनौपचारिक बातचीत भी कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
SCO कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी कुछ देर आमने-सामने बातचीत करते दिखाई दिए। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और हाथ मिलाकर संक्षिप्त बातचीत की।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब SCO के मंच पर भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान समेत कई प्रमुख देशों के नेता मौजूद थे। ऐसे बहुपक्षीय सम्मेलनों में नेताओं की छोटी-सी मुलाकात भी इसलिए अहम हो जाती है, क्योंकि इससे द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर संवाद की तस्वीर सामने आती है।
ग्रुप फोटो से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से भी मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने अभिवादन किया और कुछ देर बातचीत की।
पुतिन के साथ मोदी की यह संक्षिप्त मुलाकात उस बैठक के अगले दिन हुई, जिसमें दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई थी।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को जल्द समाप्त करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध में बीतने वाला हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम नई उम्मीद पैदा करता है।
मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को केवल दोनों देशों के बीच का मामला नहीं माना जाना चाहिए। लंबे समय से जारी युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिरता पर पड़ रहा है।
SCO सम्मेलन से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान मोदी और पुतिन के बीच एक और दिलचस्प दृश्य देखने को मिला। दोनों नेता बिश्केक में आयोजित नोमैड गेम्स के उद्घाटन कार्यक्रम के लिए एक साथ रवाना हुए।
टेलीविजन फुटेज में दोनों नेताओं को पुतिन की लिमोजिन में साथ पहुंचते और कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करते देखा गया। इस दौरान दोनों नेताओं की सहज मौजूदगी ने भारत-रूस संबंधों को लेकर भी ध्यान आकर्षित किया।
मोदी-पुतिन मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पुतिन की भारत यात्रा की उम्मीद की जा रही है। दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व की नियमित बैठकें भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम रही हैं।
ऐसे में SCO सम्मेलन के दौरान हुई बातचीत को आगामी भारत-रूस संपर्क की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। हालांकि, किसी भी आगामी बैठक के एजेंडे और ठोस परिणामों की तस्वीर आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।
Updated on:
01 Sept 2026 12:34 pm
Published on:
01 Sept 2026 12:17 pm
