
रूस में गिरफ्तार हुआ जापानी पत्रकार (FSB फूटेज) (फोटो सोर्स- Free Malasiya Today)
Russia arrested Japanese journalist: रूस की फ़ेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) ने सखालिन द्वीप पर जासूसी के आरोप में जापानी अखबार होक्काइडो शिंबुन के 34 वर्षीय पत्रकार युकी इमाई को गिरफ्तार किया है। रूसी सुरक्षा एजेंसियों का आरोप है कि पत्रकार रूस की रक्षा क्षमताओं और यूक्रेन युद्ध के लिए तैनात सैनिकों के बारे में गोपनीय जानकारी इकट्ठा कर रहा था, जिसका मकसद इसे जापानी खुफिया एजेंसियों को सौंपना था। रूस में जासूसी के इन आरोपों में दोषी पाए जाने पर 20 साल की जेल की सजा हो सकती है।
द गार्डियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, FSB ने सखालिन क्षेत्र में पत्रकार को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी। रूसी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि युकी इमाई को युझनो सखालिंस्क में तब हिरासत में लिया गया जब वह कथित तौर पर रूस छोड़ने की तैयारी कर रहे थे। रूसी सरकारी मीडिया द्वारा जारी फुटेज में सुरक्षाकर्मी पत्रकार को होटल के कमरे में हथकड़ी लगाते और उसके सामान की तलाशी लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
हिरासत में लिए जाने के बाद युकी इमाई को मॉस्को ले जाया गया, जहां लेफोर्टोव्स्की जिला अदालत ने उन्हें 12 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया। इस मामले में मॉस्को में जापानी दूतावास ने कहा है कि वह अपने नागरिक की गिरफ्तारी के हालात और उनकी कानूनी स्थिति का पता लगाने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है। वहीं, अखबार होक्काइडो शिंबुन भी पूरे मामले की जानकारी इकट्ठा में जुटा है।
रूसी विदेश मंत्रालय की आधिकारिक प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि प्रेस क्रेडेंशियल वाले विदेशी पत्रकारों का इस्तेमाल रूस की सुरक्षा से समझौता करने और गोपनीय सैन्य जानकारी इकट्ठा करने के लिए किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियों से दोनों देशों के बीच पहले से ही नाजुक द्विपक्षीय संबंधों में और तनाव आएगा।
रूस की जांच एजेंसियों का आरोप है कि पत्रकार ने सखालिन और विवादित कुरील द्वीप समूह के निवासियों से मुलाकात की थी, ताकि यूक्रेन युद्ध के लिए तैनात किए जा रहे सैनिकों और स्वयंसेवकों के बारे में संवेदनशील जानकारी जुटाई जा सके। सखालिन द्वीप और पास के कुरील द्वीप समूह प्रशांत महासागर और ओखोटस्क सागर के बीच एक बहुत ही रणनीतिक जगह पर स्थित हैं। रूस ने वहां नौसैनिक अड्डे और महत्वपूर्ण सैन्य बुनियादी ढांचा बना रखा है। इन चार द्वीपों को लेकर क्षेत्रीय विवाद दूसरे विश्व युद्ध के आखिरी दिनों से ही चला आ रहा है, जिसके कारण आज तक कोई औपचारिक शांति समझौता नहीं हो पाया है।
Updated on:
14 Oct 2026 10:54 am
Published on:
14 Oct 2026 10:54 am
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