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पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की का ऑफर रूस ने कर दिया रिजेक्ट, व्लादिमीर पुतिन के ऑफिस की ओर से जारी हुआ बड़ा बयान

पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की के यूक्रेन-रूस शांति वार्ता प्रस्ताव को रूस ने ठुकरा दिया। क्रेमलिन ने साफ कहा - अभी बातचीत शुरू होने की कोई उम्मीद नहीं।
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भारत

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Mukul Kumar

Jul 16, 2026

Russia India Petrol News

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी। (फोटो- ANI)

भारत के खिलाफ खड़ा होकर पाकिस्तान का साथ देने वाले तुर्की के ऑफर को रूस ने पूरी तरह से रिजेक्ट कर दिया है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के ऑफिस 'क्रेमलिन' की ओर से बड़ा बयान जारी किया गया है।

दरअसल, तुर्की ने यूक्रेन से सुलह करने के लिए रूस के सामने बातचीत का ऑफर पेश किया था। जिस पर क्रेमलिन ने गुरुवार को साफ कहा कि यूक्रेन के साथ शांति वार्ता फिर से शुरू होने की कोई तत्काल संभावना नहीं है।

'फिलहाल बातचीत की उम्मीद नहीं'

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि रूस शांति प्रयासों में मदद करने की तुर्की की इच्छा की सराहना करता है, लेकिन फिलहाल किसी नई बातचीत की उम्मीद नहीं है।

पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा- हम अपने तुर्की दोस्तों की उस तत्परता से अच्छी तरह वाकिफ हैं जिसके तहत वे यूक्रेन से जुड़े हालात के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करना जारी रखना चाहते हैं।

रूस आगे बातचीत पर विचार करेगा

पेस्कोव ने आगे कहा- बातचीत का ऑफर देने के लिए हम तुर्की पक्ष के आभारी हैं। हालांकि, इस समय बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करने की कोई तत्काल संभावना नहीं है, हमें ऐसे कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। फिर भी, रूसी पक्ष निश्चित रूप से इस रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए तैयार है।

युद्ध शुरू होने के लगभग साढ़े चार साल बाद भी स्थिति काफी हद तक स्थिर बनी हुई है, जबकि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के शहरों और महत्वपूर्ण ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले कर रहे हैं और समुद्र में जहाजों को निशाना बना रहे हैं।

काफी समय से सुलह का चल रहा प्रयास

2025 में इस्तांबुल में शांति वार्ता के तीन छोटे दौर हुए थे, जिसके बाद इस साल की शुरुआत में अमेरिका की मध्यस्थता में अबू धाबी में दो दौर और जिनेवा में एक दौर की बातचीत हुई। लेकिन ईरान के साथ युद्ध में अमेरिका का ध्यान बंटने के कारण यूक्रेन युद्ध को खत्म करने पर बातचीत फरवरी में रुक गई।

पेस्कोव ने पत्रकारों से कहा कि क्रेमलिन यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की सरकार में बड़े फेरबदल पर नजर रख रहा है, लेकिन नए प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की नियुक्ति से कोई फर्क नहीं पड़ेगा जब तक कि कीव शांति समझौते की दिशा में फैसले लेने को तैयार न हो।

क्या चाहता है रूस?

यूक्रेन लंबे समय से युद्धविराम की मांग कर रहा है, जिसे रूस ने खारिज कर दिया है। मॉस्को का साफ कहना है कि वह एक स्थायी समझौता चाहता है, न कि कोई ऐसा युद्धविराम जिससे यूक्रेन को संभलने का मौका मिल जाए।