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श्रीलंका की भारत से गुहार, इमरजेंसी सेवाओं के लिए पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रखे जारी

Sri Lanka Economic Crisis: श्रीलंका की अर्थव्यवस्था ठप हो चुकी है। उसकी मदद के लिए केवल भारत ही आगे आया है जो इस कठिन समय में उसकी आवश्यकताओं को पूरा कर रहा। अब श्रीलंका ने भारत से एक और मदद की मांग की है जिसके लिए भारत ने हामी भी भर दी है।

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Mahima Pandey

Jun 28, 2022

Sri Lanka sends SOS message to India for Petrol diesel supply

Sri Lanka sends SOS message to India for Petrol diesel supply

श्रीलंका की आर्थिक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि उसे संभाल पाना सरकार के हाथ में नहीं है। बुनियादी सुविधाओं की कमी तो है ही, लेकिन रोजमरा की जरूरतों को पूरा कर पाना भी आम जनता के लिए कठिन हो चुका है। इससे आम जनता का हाल बेहाल है। वहीं, आपातकाल सेवाओं के लिए श्रीलंका भारत की ओर देख रहा है जो उसकी मदद करने के लिए सबसे आगे है। अब श्रीलंका ने इमरजेन्सी सेवाओं के लिए पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति को जारी रखने के लिए भारत से मदद की मांग की है। इस सिलसिले में श्रीलंका के हाई कमिश्नर मिलिंडा मोरोगोडा ने भारत के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की।

सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं के लिए भारत से मांगी मदद
दरअसल, सोमवार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ श्रीलंका के हाई कमिश्नर मिलिंडा मोरोगोडा ने एक अहम मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने देश में इमरजेन्सी सेवाओं के लिए भारत की तरफ से मदद को जारी रखने की बात कही। श्रीलंकाई मिशन के एक बयान के अनुसार, मिलिंडा मोरोगोडा ने पुरी को श्रीलंका द्वारा पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और वितरण से जुड़ी चुनौतियों से अवगत कराया।

मुश्किल हालात में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को जारी रखने के लिए श्रीलंका ने भारत का आभार भी जताया। इमरजेन्सी सेवाओं के लिए पेट्रोल डीजल की आपूर्ति की संभावनाओं पर भारत की तरफ से मोरोगोडा को सकारात्मक प्रातक्रिया मिली है। दोनों देशों के नेताओं ने उन तकनीकों पर भी चर्चा की जिससे आपातकाल में भारत और श्रीलंका पेट्रोलियम क्षेत्र में सहयोग का विस्तार कर सकें।

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भारत ने नहीं छोड़ा श्रीलंका का साथ
गौरतलब है कि श्रीलंका सरकार आर्थिक संकट से निपटने के लिए लोन के भरोसे बैठ है। उसके ऊपर 25 अरब डॉलर का कर्ज है, लेकिन उसे चुकाने के लिए उसके पास कुछ नहीं है। उसकी अर्थव्यवस्था ठप हो चुकी है, लेकिन भारत लगातार इस मुश्किल घड़ी में उसकी मदद कर रहा है।

अब तक भारत 3 अरब डॉलर से अधिक की मदद श्रीलंका को दे चुका है। इस रकम का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि पाकिस्तान को यदि 2 अरब डॉलर की सहायता मिल जाए तो वो अपनी पूरी अर्थव्यवस्था को डूबने से बचा सकता है। अब श्रीलंका की नजर इस बात पर टिकी है कि उसे कहीं से बेल-आउट पैकेज मिल जाए जिससे वो अपनी आर्थिक स्थिति को संभाल सके।

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