
Qatar Princess
Qatar princess stalking: लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इहाद अबूसलाह को कतर की राजकुमारी (Qatar princess) का पीछा करने और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने का दोषी पाया है। 47 वर्षीय अबूसलाह पहले राजकुमारी का ड्राइवर (driver) रह चुका था। आरोप है कि वह राजकुमारी का पीछा करता था। ड्राइवर पर आरोप था कि उसने राजकुमारी के जन्मदिन पर उन्हें गहने और फूल भेजे। साथ ही बार-बार फोन करके उन्हें परेशान किया। अबूसलाह का यह विश्वास था कि राजकुमारी भी उससे प्रेम करती हैं और दोनों के बीच रोमांटिक रिश्ता है।
इहाद अबूसलाह, जो पहले कतर की राजकुमारी हया अल-थानी के ड्राइवर के तौर पर काम कर चुका था, ने राजकुमारी के साथ एक रोमांटिक संबंध की कल्पना कर ली थी। वह यह मानता था कि राजकुमारी भी उससे प्यार करती हैं। इस गलतफहमी के चलते उसने राजकुमारी के जन्मदिन पर उन्हें उपहार भेजे, जिसमें कंगन, फूल और अन्य चीजें शामिल थीं। इसके अलावा, उसने लगातार फोन करके राजकुमारी को परेशान किया और उनका पीछा भी किया।
राजकुमारी के वकील ने अदालत में बताया कि अबूसलाह की हरकतों ने परिवार को अत्यधिक परेशानी में डाल दिया। वह उनके घर के आस-पास दिखाई देता था और कर्मचारियों के माध्यम से उपहार भेजने की कोशिश करता था। इससे राजकुमारी अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहने लगीं।
अबूसलाह के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ था, और इसी मानसिक स्थिति के कारण उसने राजकुमारी के साथ अपने रिश्ते को लेकर गलतफहमियां पाल लीं। उन्होंने यह भी बताया कि इस भ्रम के कारण उसने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया।
अबूसलाह ने अपने अपराध को स्वीकार किया, जिसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार दिया (court sentence)। उसे 12 महीने का सामुदायिक आदेश दिया गया और 30 दिनों की पुनर्वास गतिविधियों में भाग लेने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, तीन साल का प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किया गया, जिसके तहत अबूसलाह को राजकुमारी और उनके परिवार से संपर्क करने, और उनके घर के पास जाने से मना कर दिया गया।
अबूसलाह के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उनका मुवक्किल मानसिक रूप से अस्वस्थ (mental illness) है, और इसी कारण उसने राजकुमारी से जुड़ा यह भ्रम पाल लिया। वकील ने यह भी बताया कि इस मानसिक स्थिति के चलते उसने अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था, क्योंकि वह इस भ्रम में था कि राजकुमारी से उसके संबंध हो सकते हैं।
यह मामला न केवल स्टॉकिंग और मानसिक परेशानियों को लेकर एक चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अदालतें इस प्रकार के अपराधों को गंभीरता से लेती हैं, खासकर जब कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक शख्सियत के व्यक्तिगत जीवन में हस्तक्षेप करता है।
Updated on:
29 Dec 2024 07:34 pm
Published on:
29 Dec 2024 07:33 pm
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