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अमेरिका से अधिक तेल और गैस खरीदने के बाद भी ट्रंप ने भारत पर क्यों किया टैरिफ हमला,दी आर्थिक चोट

Trump Tariff on India Despite Rising Oil and Gas Imports: अमेरिका से तेल और गैस की खरीद बढ़ाने के बावजूद ट्रंप ने भारत पर 50% तक का टैरिफ लगा दिया।

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भारत

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MI Zahir

Aug 15, 2025

Donald Trump

अमेरिकी प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो: एएनआई )

Trump Tariff on India Despite Rising Oil and Gas Imports: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ( Donald Trump )ने भारत से आने वाले कुछ उत्पादों पर 50% तक का जो टैरिफ (Trump Tariff on India Despite Rising Oil and Gas Imports) लगाया है, वह फैसला तब लिया गया जब भारत ने अमेरिका से अपने ऊर्जा (तेल और गैस) आयात में काफी बढ़ोतरी की है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह निर्णय भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में खटास ला सकता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून 2025 तक भारत ने अमेरिका से तेल और गैस का आयात 51% तक बढ़ाया है। पिछले साल भारत ने अमेरिका ( America ) से लगभग 1.41 अरब डॉलर का एलएनजी खरीदा था, जबकि इस साल यह आंकड़ा 2.46 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।

भारत की रणनीति: व्यापार घाटा कम करने की पहल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी में कहा था कि भारत अमेरिका से ऊर्जा आयात को 2025 तक 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना बना रहा है, जिससे अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम हो सके। यह घोषणा अमेरिका की उस नीति के अनुरूप थी, जिसमें ट्रंप प्रशासन चाहता है कि अमेरिका का व्यापार घाटा घटे।

रूस पर निर्भरता कम करने की कोशिश

भारत ने स्पष्ट किया है कि वह रूस से तेल खरीद तो कर रहा है, लेकिन वह G7 देशों द्वारा तय की गई मूल्य सीमा के तहत ही यह खरीद कर रहा है। अमेरिका की नीति भी यही रही है कि रूस से सीमित कीमत पर तेल खरीदा जाए ताकि वैश्विक बाजार में कीमतें काबू में रहें और रूस की कमाई भी सीमित हो।

अमेरिका खुद भी रूस से खरीद रहा है रणनीतिक सामान

नई दिल्ली ने यह भी कहा कि अमेरिका खुद भी रूस से यूरेनियम, रसायन, पैलेडियम और उर्वरक जैसे उत्पाद खरीद रहा है। ऐसे में भारत की आलोचना करना दोहरा मापदंड लगता है।

भारत-अमेरिका संबंध सिर्फ व्यापार नहीं

भारत सरकार ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच संबंध सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं। यह रणनीतिक, भू-राजनीतिक और रक्षा सहयोग पर भी आधारित हैं। यही कारण है कि दोनों देशों के बीच होने वाली छठे दौर की व्यापार वार्ता को लेकर कोई रुकावट नहीं आई है।

नतीजा: व्यापार में तनाव, लेकिन संबंध मज़बूत

बहरहाल टैरिफ के इस फैसले से व्यापार में जरूर तनाव आया है, लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि उसके लिए अमेरिका एक रणनीतिक साझेदार बना रहेगा। भारत ऊर्जा, सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर अमेरिका के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।