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ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा दावा: खाली टैंकर अमेरिका आ रहे, बोले- ‘दो बड़े देशों से ज्यादा तेल है हमारे पास’

Trump Sweetest Oil and Gas Post: ईरान संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा, खाली तेल टैंकर अमेरिका की ओर बढ़ रहे हैं। क्या इससे वैश्विक तेल सप्लाई और बाजार पर असर पड़ेगा?

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भारत

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Rahul Yadav

Apr 11, 2026

Donald Trump Statement on Oil

Donald Trump Statement on Oil And Gas (Image: Gemini)

Donald Trump Statement on Oil: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है, जिसने वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल पैदा कर दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि दुनिया भर से बड़ी संख्या में खाली तेल टैंकर अमेरिका की ओर आ रहे हैं, ताकि वहां से तेल और गैस भरी जा सके।

ट्रंप का बड़ा बयान

ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि अमेरिका के पास तेल और गैस का विशाल भंडार है और वह दुनिया के अन्य प्रमुख उत्पादक देशों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी तेल की गुणवत्ता बेहतर है और देश वैश्विक बाजार को तेजी से सप्लाई देने के लिए तैयार है।

तेल बाजार पर असर की आशंका

यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका तनाव के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति पर खतरा बढ़ गया है। दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होती है, ऐसे में किसी भी तनाव का असर वैश्विक बाजार और कीमतों पर पड़ सकता है।

रणनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा बयान

ऊर्जा बाजार से जुड़े विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान केवल एक सामान्य टिप्पणी नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत हो सकता है। इसके जरिए अमेरिका यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि अगर खाड़ी क्षेत्र से तेल सप्लाई प्रभावित होती है, तो वह कुछ हद तक उसकी भरपाई करने की स्थिति में है।

बढ़ते तनाव के बीच बड़ा संदेश

ईरान से जुड़े मौजूदा हालात और संभावित टकराव के बीच यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक संकेत देता है कि अमेरिका ऊर्जा के मोर्चे पर खुद को मजबूत स्थिति में दिखाना चाहता है। हालांकि, वैश्विक सप्लाई पूरी तरह संतुलित करना कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है।

इस्लामाबाद में कूटनीति तेज

इसी बीच, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के बीच हाल ही में हुई मुलाकात को इसी संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, इस्लामाबाद में हो रही यह बातचीत क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और शांति की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। हालांकि, जमीन पर हालात अभी भी जटिल बने हुए हैं और किसी ठोस नतीजे तक पहुंचने में समय लग सकता है।